नई दिल्ली:
प्रमोशन में आरक्षण के विवाद में अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी कूद पड़ा है। आयोग का कहना है कि इस आरक्षण का लाभ ओबीसी जातियों को भी मिलना चाहिए।
मॉनसून सत्र में दलितों और आदिवासियों के लिए प्रमोशन में रिजर्वेशन की मांग को लेकर खूब हंगामा चला। अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मांग की है कि इस रिजर्वेशन के दायरे में ओबीसी जातियों को भी लाया जाए।
5 सितंबर को आयोग ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा कि ओबीसी को आरक्षण सरकारी सेवाओं में हिस्सेदारी के लिहाज़ से पिछड़ी जातियां, दलितों और आदिवासियों से भी पीछे हैं।
यह आम राय बिल्कुल बेबुनियाद है कि ओबीसी ऊंचे ओहदों में आने के लिहाज़ से बेहतर हैसियत में हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इन तबकों को भी तरक्की में रिजर्वेशन का फायदा दिया जाए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं।
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
मॉनसून सत्र में दलितों और आदिवासियों के लिए प्रमोशन में रिजर्वेशन की मांग को लेकर खूब हंगामा चला। अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मांग की है कि इस रिजर्वेशन के दायरे में ओबीसी जातियों को भी लाया जाए।
5 सितंबर को आयोग ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा कि ओबीसी को आरक्षण सरकारी सेवाओं में हिस्सेदारी के लिहाज़ से पिछड़ी जातियां, दलितों और आदिवासियों से भी पीछे हैं।
यह आम राय बिल्कुल बेबुनियाद है कि ओबीसी ऊंचे ओहदों में आने के लिहाज़ से बेहतर हैसियत में हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इन तबकों को भी तरक्की में रिजर्वेशन का फायदा दिया जाए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं।
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
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