
राजस्थान में कांग्रेस ने अपने दो विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया है. इन विधायकों को सचिन पायलट की 'बगावत' के बाद निलंबित कर दिया गया था. कांग्रेस ने गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह तथा भंवर लाल शर्मा का निलंबन बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर यह जानकारी दी. कांग्रेस नेता ने कहा, ''कांग्रेस के संगठन महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेन्द्र सिंह के कांग्रेस पार्टी से निलंबन को वापस ले लिया है.'' इससे पहले पांडे ने ट्वीट कर कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद इन दोनों विधायकों का निलंबन रद्द किया गया है.
आज AICC महासचिव एवं इंचार्ज राजस्थान श्री @avinashpandeinc जी ने विधायक भंवरलाल शर्मा जी और विश्वेन्द्र सिंह जी के कांग्रेस पार्टी से निलंबन को वापस ले लिया है।@INCRajasthan
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) August 13, 2020
दरअसल आज राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक शाम पांच बजे आयोजित होगी. इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और उनके खिलाफ पिछले एक माह से बागी तेवर अपनाने वाले सचिन पायलट (Sachin Pilot) की मुलाकात होगी. सचिन पायलट और उनके ख़ेमे के विधायकों को भी विधायक दल की बैठक में बुलाया गया है. बैठक में पायलट और सीएम अशोक गहलोत की मुलाकात होगी. केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में यह विधायक दल की बैठक होगी.
सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के बागी तेवरों के कारण राजस्थान में सियासी संकट पैदा हो गया था लेकिन करीब एक माह तक गतिरोध के बाद इसी हफ्ते राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की पायलट के साथ हुई बैठक के बाद संकट टल गया था और कांग्रेस खेमे ने राहत की सांस ली थी. राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात के बाद मंगलवार को जयपुर लौटे थे. कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि उनकी शिकायतों को दूर किया जाएगा. हालांकि, उनके जयपुर पहुंचते ही मुख्यमंत्री गहलोत जैसलमेर के लिए निकल गए थे, जहां कांग्रेस के 100 विधायकों को रखा गया था.
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पूर्व में सचिन पायलट के खिलाफ काफी तल्ख कमेंट करने वाले सीएम गहलोत ने अब अपने तेवर नरम कर लिए हैं. मुख्यमंत्री ने गुरुवार को एक ट्वीट में लिखा, 'कांग्रेस की लड़ाई तो सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी के नेतृत्व में डेमोक्रेसी को बचाने की है. पिछले एक माह में कांग्रेस पार्टी में आपस में जो भी नाइत्तेफ़ाकी हुई है, उसे देश के हित में, प्रदेश के हित में, प्रदेशवासियों के हित में और लोकतंत्र के हित में हमें फॉरगेट एन्ड फॉरगिव, आपस में भूलो और माफ करो और आगे बढ़ो की भावना के साथ डेमोक्रेसी को बचाने की लड़ाई में लगना है.'
सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि कांग्रेस विधायक इस राजनीतिक टकराव से "स्वाभाविक रूप से परेशान" हैं, लेकिन हर किसी को आगे बढ़ना चाहिए. संवाददाताओं से बात करते हुए गहलोत ने कहा, "जिस तरह से यह पूरा घटनाक्रम हुआ, उससे विधायक वास्तव में परेशान थे. मैंने उन्हें समझाया कि कभी-कभी हमें सहनशील होने की आवश्यकता होती है यदि हमें राष्ट्र, राज्य और लोगों की सेवा करनी है और लोकतंत्र को बचाना है."
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वहीं, बीएसपी से कांग्रेस में शामिल होने वाले छह विधायक विधानसभा सत्र में भाग ले सकेंगे. राजस्थान का विधानसभा सत्र शुक्रवार 14 अगस्त से आयोजित होना है. राजस्थान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल BSP विधायकों के कांग्रेस में विलय के स्पीकर के आदेश पर रोक लगाने से कर दिया है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है. हम इस मामले में दखल नहीं देंगे.
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