
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
दिल्ली में डीडीए जमीन पर बने प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढा सकेंगे। उन्हें दिल्ली सरकार के इजाजत लेनी होगी वरना उनकी लीज रद्द होगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने ये अहम फैसला सुनाया है, जिससे दिल्ली में 400 से ज्यादा स्कूलों पर फैसला लागू होगा। दिल्ली के तमाम बड़े स्कूल अब मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे।
दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ कर दिया है कि जिन स्कूलों को डीडीए ने जमीन दी है, उन्हें दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय से इजाजत लेनी होगी। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर कोई स्कूल हाईकोर्ट के इस आदेश की अवहेलना करता है तो डीओई उसके खिलाफ तुरंत करवाई करे। डीओई को भी आदेश दिया गया है कि वो हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराए।
इसके अलावा डीडीए भी ऐसे स्कूलों की तुरंत लीज कैंसिल करें। याचिकाकर्ता के वकील अशोक अग्रवाल के मुताबिक ये आदेश काफी अहम हैं और बड़े प्राइवेट स्कूलों को डीडीए ने इसी नियम के तहत जमीन दी थी। हाईकोर्ट ने साफ किया है कि जिन स्कूलों को इस नियम के तहत जमीन दी गई, उन्हें इसका पालन करना होगा। इस आदेश का असर दिल्ली के करीब 410 बडे प्राइवेट स्कूलों पर पड़ेगा, लेकिन आम लोगों को राहत मिलेगी।
दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ कर दिया है कि जिन स्कूलों को डीडीए ने जमीन दी है, उन्हें दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय से इजाजत लेनी होगी। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर कोई स्कूल हाईकोर्ट के इस आदेश की अवहेलना करता है तो डीओई उसके खिलाफ तुरंत करवाई करे। डीओई को भी आदेश दिया गया है कि वो हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराए।
इसके अलावा डीडीए भी ऐसे स्कूलों की तुरंत लीज कैंसिल करें। याचिकाकर्ता के वकील अशोक अग्रवाल के मुताबिक ये आदेश काफी अहम हैं और बड़े प्राइवेट स्कूलों को डीडीए ने इसी नियम के तहत जमीन दी थी। हाईकोर्ट ने साफ किया है कि जिन स्कूलों को इस नियम के तहत जमीन दी गई, उन्हें इसका पालन करना होगा। इस आदेश का असर दिल्ली के करीब 410 बडे प्राइवेट स्कूलों पर पड़ेगा, लेकिन आम लोगों को राहत मिलेगी।
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