नई दि्ल्ली:
अधिवक्ता और अन्ना हज़ारे पक्ष के सदस्य प्रशांत भूषण ने बुधवार को आरोप लगाया कि उन पर हुए हमले के लिए दक्षिणपंथी समूह श्रीराम सेना जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की कि इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया जाए और उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाए। भूषण ने कहा, यह एक ऐसा संगठन है जिसका सामाजिक बहिष्कार करने की जरूरत है और सरकार को इस पर प्रतिबंध ही लगा देना चाहिये। इस तरह के संगठन को कानूनी रूप से अस्तित्व में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, श्रीराम सेना अपनी गुंडागर्दी और निहत्थे लोगों पर बिना उकसावे के हमला करने के लिए जानी जाती है। उनकी एक छाप है जो उन्होंने बेंगलूर में छोड़ी थी जब उन्होंने रेस्त्रां और पब के बाहर कई युवक-युवतियों को पीटा था। वे स्कर्ट पहनने वाली लड़कियों से मारपीट करने के लिये जाने जाते हैं। खुद पर हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तीन युवकों का एक समूह आया, जिसमें से एक ने खुद को इसी संगठन का प्रमुख बताया। तीनों उनके चैम्बर में घुसे और उन पर मुक्कों और लातों से प्रहार किया। उन्होंने कहा, वे कश्मीर के बारे में कुछ कह रहे थे, लेकिन उन्होंने मुझसे किसी बात पर चर्चा करने तक की जहमत नहीं उठायी। भूषण ने कहा कि जिस युवक को गिरफ्तार किया गया है उसकी पहचान इंदरवीर के रूप में हुई है जो खुद को श्रीराम सेना का प्रदेश अध्यक्ष बताता है। अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से श्रीराम सेना के किसी सदस्य के खिलाफ हिंसा नहीं करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा नहीं है। उन्होंने कहा, इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। उनमें से एक को गिरफ्तार किया गया है। ..कानूनी कार्रवाई होगी लेकिन निश्चित तौर पर संगठन के सदस्यों के खिलाफ हिंसा नहीं होगी। संगठन के तौर-तरीकों की तुलना जर्मनी के हिटलर से करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिटलर की जर्मनी में तूफान पर सवार सैनिक निकलकर हर उस व्यक्ति से मारपीट करते थे जो उनसे सहमति नहीं रखता था। इस तरह के लोगों को रोका जाना चाहिए। इससे पहले दिन में अन्ना हजारे की कोर टीम के सदस्य वकील प्रशांत भूषण के सुप्रीम कोर्ट स्थित चैम्बर में घुसकर तीन लोगों ने उनकी जोरदार पिटाई कर दी। एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है, तथा प्रशांत भूषण को जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। हमला करने वाले तीनों लोगों के नाम इंद्र वर्मा, अरुण कुमार और तेजिंद्र पाल सिंह हैं। इनमें से पकड़े गए युवक इंद्र वर्मा ने कहा कि उसने कश्मीर के मुद्दे पर दिए भूषण के बयान से नाराज थे। सूत्रों के अनुसार प्रशांत भूषण ने कहा कि यह हमला कश्मीर मुद्दे पर दिए गए उनके बयान की वजह से किया गया है। प्रशांत भूषण हमला करने वालों की अन्ना हजारे ने कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि कानून को हाथ में लेकर ऐसा काम नहीं करना चाहिए। अन्ना ने कहा कि वह प्रार्थना करेंगे कि ऐसे युवकों को भगवान सद्बुद्धि दे। अन्ना ने कहा कि वह बातचीत कर इस हमले के पीछे कारणों को जानेंगे और उसके बाद वह आगे की रणनीति बनाएंगे।गौरतलब है कि प्रशांत भूषण से कुछ समय पूर्व कश्मीर में रेफरंडम के जरिए यह पता लगाने की वकालत की थी कि वहां के लोग जहां जाना चाहें उन्हें वहां जाने दिया जाए। (इनुपट भाषा से भी)
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