
संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी...
नई दिल्ली:
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए बेनामी संपत्ति और चाणक्य नीति का उल्लेख किया. पीएम मोदी ने कहा कि जो साथ दे रहे हैं उन्हें साथ लेकर चलना है.1000 और 500 के संबंध में किया निर्णय इस लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन आखिरी मंजिल नहीं. मध्यमवर्ग का शोषण रोकना है और गरीबों को हक दिलाना है तो भ्रष्टाचार और काले धन से उन्हें मुक्त कराना जरूरी है. इसके लिए हिम्मत पूर्वक निर्णय करने होंगे.
(पढ़ें- पीएम मोदी से राहुल गांधी की मुलाकात के बाद नोटबंदी पर विपक्ष की एकता टूटी)
1988 बेनामी संपत्ति पर कानून बनाया मगर लागू नहीं किया
पीएम मोदी ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा- 1988 में बेनामी संपत्ति के लिए आप कानून पास करते हो और इतने साल बीतने के बाद भी उसे नोटिफाई नहीं करते. संसद में पारित करके, प्रेस कॉन्फ्रेंस करके, पब्लिसिटी कमाकर राजनीति करते रहते हैं, लेकिन आप इसे लागू नहीं करते. अब इस सरकार ने आकर समयानुकूल परिवर्तन किया और परिवर्तन करके उसे नोटिफाई कर दिया. अब मान लीजिए, मैं आगे कोई कदम उठाऊंगा तो आखिर हमने बेनामी संपत्ति का कानून पारित क्यों किया है? अब फिर ये चिल्लाएंगे कि मोदी ने जल्दबाज़ी क्यों कर दी. आपने 88 से अब तक उसे लागू नहीं किया, देश में बेनामी संपत्ति इकट्ठी करने वालों को खुली छूट दे दी. और यह सरकार कानून पारित कर चुकी है, नोटिफाई कर चुकी है. लागू करने के लिए कदम उठाएगी, और फिर आप चिल्लाना शुरू करोगे क्या? क्या देश ऐसे चलाओगे...? सारी मुसीबत की जड़ यह है कि इनके लिए देश से बड़ा दल है, हमारे लिए दल से बड़ा देश है...
चाणक्य नीति का दिया उदाहरण
पीएम मोदी ने चाणक्य नीति के 15 वें अध्याय के छठे दोहे का जिक्र किया. अन्याय से कमाया धन 10 साल ही टिकता है. 11 वां वर्ष लगते ही वह मूलधन के साथ नष्ट होजाता है. उस समय ही चाणक्य ने कह दिया था.
(पढ़ें- पीएम मोदी से राहुल गांधी की मुलाकात के बाद नोटबंदी पर विपक्ष की एकता टूटी)
1988 बेनामी संपत्ति पर कानून बनाया मगर लागू नहीं किया
पीएम मोदी ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा- 1988 में बेनामी संपत्ति के लिए आप कानून पास करते हो और इतने साल बीतने के बाद भी उसे नोटिफाई नहीं करते. संसद में पारित करके, प्रेस कॉन्फ्रेंस करके, पब्लिसिटी कमाकर राजनीति करते रहते हैं, लेकिन आप इसे लागू नहीं करते. अब इस सरकार ने आकर समयानुकूल परिवर्तन किया और परिवर्तन करके उसे नोटिफाई कर दिया. अब मान लीजिए, मैं आगे कोई कदम उठाऊंगा तो आखिर हमने बेनामी संपत्ति का कानून पारित क्यों किया है? अब फिर ये चिल्लाएंगे कि मोदी ने जल्दबाज़ी क्यों कर दी. आपने 88 से अब तक उसे लागू नहीं किया, देश में बेनामी संपत्ति इकट्ठी करने वालों को खुली छूट दे दी. और यह सरकार कानून पारित कर चुकी है, नोटिफाई कर चुकी है. लागू करने के लिए कदम उठाएगी, और फिर आप चिल्लाना शुरू करोगे क्या? क्या देश ऐसे चलाओगे...? सारी मुसीबत की जड़ यह है कि इनके लिए देश से बड़ा दल है, हमारे लिए दल से बड़ा देश है...
चाणक्य नीति का दिया उदाहरण
पीएम मोदी ने चाणक्य नीति के 15 वें अध्याय के छठे दोहे का जिक्र किया. अन्याय से कमाया धन 10 साल ही टिकता है. 11 वां वर्ष लगते ही वह मूलधन के साथ नष्ट होजाता है. उस समय ही चाणक्य ने कह दिया था.
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