केंद्र की मोदी सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम को छह साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर एक कार्यक्रम रखा गया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुहिम के तहत लॉन्च की गई योजनाओं और प्लेटफॉर्म के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की. संयोग से सरकार की गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स यानी जीएसटी की योजना को भी चार साल पूरे हो गए हैं. पीएम ने इसका जिक्र भी किया.
उन्होंने कहा कि 'कल ही जीएसटी के 4 साल पूरे हुए हैं. पिछले 8 महीनों से जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ से ऊपर आ रहा है. करीब 1.28 करोड़ रजिस्टर्ड beneficiary इसका फायदा उठा रहे हैं. जीएसटी व्यवस्था के e-Way बिल सिस्टम से व्यापार और कारोबार दोनों पारदर्शी हुए हैं.'
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चार सालों में 66 करोड़ जीएसटी रिटर्न दाखिल
बता दें कि कल जीएसटी सिस्टम के चार साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने भी एक कार्यक्रम किया था, जिसमें इस योजना से जुड़े आंकड़े साझा किए गए थे. मंत्रालय ने बताया कि अब तक 66 करोड़ से अधिक जीएसटी रिटर्न दाखिल किए गए, कर की दरें में कटौती हुई और करदाताओं की संख्या में बढ़ी है. पूरे देश में एक राष्ट्रव्यापी जीएसटी एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था, जिसमें उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट और 13 उपकर जैसे कुल 17 स्थानीय कर शामिल थे.
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पीएम ने डिजिटल इंडिया पर और क्या बोला
पीएम ने इस मुहिम के तहत देश में डिजिटल साक्षरता और आदतों को बढ़ाने के लिए शुरू की गईं योजनाओं के फायदे को लेकर कहा कि 'ड्राइविंग लाइसेंस हो, बर्थ सर्टिफिकेट हो, बिजली का बिल भरना हो, पानी का बिल भरना हो, इनकम टैक्स रिटर्न भरना हो, इस तरह के अनेक कामों के लिए अब प्रक्रियाएं डिजिटल इंडिया की मदद से बहुत आसान, बहुत तेज हुई है। और गांवों में तो ये सब, अब अपने घर के पास CSC सेंटर में भी हो रहा है.'
उन्होंने कहा, ‘आरोग्य सेतु एप से कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में बहुत मदद मिली वहीं टीकाकरण अभियान में कोविन एप बहुत मददगार साबित हो रहा है. टीकाकरण के लिए भारत के कोविन एप में तो अनेकों देशों ने दिलचस्पी दिखाई है. टीकाकरण की प्रक्रिया के लिए ऐसा निगरानी तंत्र होना हमारी तकनीकी कुशलता का प्रमाण है.'
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बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा किया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक जुलाई 2015 को ‘‘डिजिटल भारत'' का शुभारंभ किया था.
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