
रियालंस जियो को लॉन्च करते मुकेश अंबानी (फाइल फोटो)
मुंबई:
रिलायन्स जियो के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो के इस्तेमाल का विवाद अदालत में पहुंच गया है. मुंबई में एक शख्स ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि निजी कंपनी के सिम को प्रमोट करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का इस्तेमाल गलत है.
याचिका में कहा गया है कि अगर प्रधनमंत्री को बिना बताये उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल हुआ है तो ये हैरान करने वाली बात है. प्रधानमंत्री को अपने डिजिटल इंडिया एजेंडा को प्रमोट करना है तो उसके लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल जैसी सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोट करना चाहिए.
याचिका में साल 2010 के उस मामले का उल्लेख भी किया गया है जिसमे एक जूता बनाने वाली कंपनी मेसर्स अजंता फुटकेयर ने तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी का फोटो लगाकर विज्ञापन दिया था. तब मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ था.
याचिकाकर्ता ने मामले में केंद्र सरकार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड और मुकेश अंबानी सहित तक़रीबन 25 लोगों को पार्टी बनाया है.
बता दें कि याचिका अभी एडमिट नहीं हुई है सिर्फ दाखिल की गई है.
याचिका में कहा गया है कि अगर प्रधनमंत्री को बिना बताये उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल हुआ है तो ये हैरान करने वाली बात है. प्रधानमंत्री को अपने डिजिटल इंडिया एजेंडा को प्रमोट करना है तो उसके लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल जैसी सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोट करना चाहिए.
याचिका में साल 2010 के उस मामले का उल्लेख भी किया गया है जिसमे एक जूता बनाने वाली कंपनी मेसर्स अजंता फुटकेयर ने तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी का फोटो लगाकर विज्ञापन दिया था. तब मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ था.
याचिकाकर्ता ने मामले में केंद्र सरकार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड और मुकेश अंबानी सहित तक़रीबन 25 लोगों को पार्टी बनाया है.
बता दें कि याचिका अभी एडमिट नहीं हुई है सिर्फ दाखिल की गई है.
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