संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) के पहले दिन ही संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा (Lok Sabha) में कृषि कानून वापसी बिल पास कर दिया गया. कृषि कानून (Farm Law Repeal Bill) वापसी बिल को पहले लोकसभा में 12 बजे पेश किया गया, जिसे बिना चर्चा के चार मिनट के भीतर पास कर दिया गया. वहीं, विपक्ष चर्चा को लेकर इस पर अड़ा रहा. इसके बाद सदन को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. लोकसभा के बाद दोपहर 2 बजे राज्यसभा में बिल पेश किया गया, वहां भी कुछ ही मिनट में इसे पास कर दिया गया. कृषि कानून वापसी बिल के अलावा इस सत्र में सरकार 36 बिल लेकर आ रही है.
उधर, संसद के शीतकालीन सत्र से 12 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया है. पिछले सत्र में हिंसक व्यवहार के आरोप में इन सांसदों के निलंबित किया गया है. विपक्ष का कहना है कि 12 सांसदों का निलंबन नियमों के खिलाफ है. नियम 256 के अनुसार सदस्य को सत्र के बाकी बचे समय के लिए निलंबित किया जाता है. मानसून सत्र 11 अगस्त को ही समाप्त हो चुका है ऐसे में इस सत्र में सदस्यों का निलंबन गलत है. शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे अलोकतांत्रिक फैसला करार दिया है. उन्होंने कहा कि हमारा पक्ष सुने बिना ही यह कार्रवाई की गई है.
संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने कई बिल पेश करने की तैयारी की है. इसमें क्रिप्टो कानून से जुड़ा विधेयक भी शामिल है. हालांकि सत्र के पहले दिन ही हंगामा होने के बाद आगे कार्यवाही सुचारू ढंग से चलने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
"सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार": संसद सत्र से पहले बोले PM मोदी