- 90 के दशक के बाद कई महिलाओं ने अपराध की दुनिया में सक्रिय भूमिका निभाई और गैंग का नेतृत्व संभाला है
- लारेंस बिश्नोई गैंग में पूजा शर्मा जैसे कई महिला गैंगस्टर चंडीगढ़ और मोहाली में कोर्ट परिसर की रेकी करती थीं
- जोया खान ने पति हाशिम बाबा के आपराधिक नेटवर्क को चलाते हुए ड्रग्स तस्करी और जबरन वसूली में अहम भूमिका निभाई
आपके 90 के दशक और उसके बाद की लेडी डॉन हसीना पारकर और संतोकबेन जडेजा जैसे नाम तो खूब सुने हैं लेकिन हम एनडीटीवी पर नए जमाने ऐसी तमाम लेडी डॉन को लेकर खुलासा करेंगे जिन्होंने जरायम की दुनिया में अपना सिक्का जमाया हुआ है. वैसे तो अपराध की दुनिया लंबे समय तक पुरुषों के वर्चस्व वाली मानी जाती रही है, लेकिन समय-समय पर कई ऐसी महिलाएं भी सामने आईं, जिन्होंने न सिर्फ गैंग का हिस्सा बनकर काम किया बल्कि नेतृत्व तक संभाला. कुछ ने पति या साथी की मौत के बाद कमान संभाली, तो कुछ ने खुद अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया. आइए अलग-अलग गैंग से जुड़ी नए जमाने की चर्चित लेडी डॉन ये रिपोर्ट...
खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा उर्फ मैडम जहर
केवल खुशनुमा अंसारी नहीं बल्कि लारेंस गैंग में कई और भी महिलाएं हैं जो दहशत का दूसरा नाम है.
कौन है मैडम जहर? यहां पढ़ें पूरी खबर

पूजा शर्मा उर्फ माया उर्फ दीपा

पुलिस ने पूजा शर्मा को दो मार्च 2024 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था, लारेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करने वाली पूजा ने अपने हाथ में एके-47 का टैटू भी बनवाया हुआ है. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसे गैंगस्टर बनना था. राजस्थान के झुंझनू की रहने वाली पूजा शर्मा शादीशुदा है. घर में उसका झगड़ा हो गया था. इसके बाद वह हिस्ट्रीशीटर राकेश उर्फ हनी के जरिये गैंगस्टर रोहित गोदारा के संपर्क में आई. रोहित गोदारा ने उसे 25 हजार रुपये और एक मोबाइल देकर चंडीगढ़ जाने को कहा. चंडीगढ़ में गोल्डी बराड़ के कहने पर रोहतक के सचिन, उमंग व फरीदाबाद के टाइगर इससे मिले और गोल्डी के कहने पर एलांते मॉल से वकीलों की दो ड्रेस खरीदी. ये सभी लोग 11 दिनों से चंडीगढ़ में घूम रहे थे. आरोपी मोहाली, चंडीगढ़ व पंचकूला कोर्ट में रेकी भी कर चुके थे. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अदालत परिसर के अंदर वकील की ड्रेस में गैंगस्टर भुप्पी राणा की हत्या करनी थी. वकील की एक ड्रेस सचिन और दूसरी पूजा शर्मा को पहननी थी. वहीं, भुप्पी पर गोली पूजा शर्मा को चलानी थी,उस वक्त लॉरेंस ,गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग एक साथ काम कर रहे थे.
लेडी डॉन जोया

लारेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा की पत्नी जोया खान को 270 ग्राम हेरोइन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है. 33 साल की जोया जेल में बंद पति के आपराधिक साम्राज्य को चलाती थी, हाशिम बाबा के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली और हथियार तस्करी से जुड़े दर्जनों मामले दर्ज हैं. जोया खान उनकी तीसरी पत्नी हैं. 2017 में हाशिम बाबा से शादी करने से पहले जोया की शादी किसी और से हुई थी. तलाक के बाद उनका बाबा से संपर्क हुआ. दोनों उत्तर पूर्वी दिल्ली में पड़ोसी थे और वहीं उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया. सूत्रों के अनुसार, जोया अपने पति के गिरोह में हसीना पारकर की भूमिका निभा रही थी, जो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन थी और कभी उसके अवैध धंधों को नियंत्रित करती थी. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों का कहना है कि ज़ोया जबरन वसूली और ड्रग्स की सप्लाई में शामिल थी. आम तौर पर अपराध जगत की सरगनाओं के विपरीत, ज़ोया ने अपनी एक खास छवि बनाए रखी. वह हाई-प्रोफाइल पार्टियों में शामिल होती थी, महंगे कपड़े पहनती थी और लग्जरी ब्रांड्स का इस्तेमाल करती थी. ये बातें सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी से साफ ज़ाहिर होती हैं, जहां उसके बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं.
लेडी डॉन ज़िकरा

उत्तर पूर्वी दिल्ली में 17 साल के कुणाल को मारने वाली ये कोई आम लड़की नहीं बल्कि गुंडागर्दी में माहिर है. जिकरा अपने साथ पूरा गैंग लेकर घूमती है. इसके हाथ में हमेशा तमंचा रहता है. जिकरा सीलमपुर की रहने वाली है. वो इलाके में दहशत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर हथियारों की नुमाइश करती है. पुलिस के मुताबिक जिकरा भी हाशिम बाबा गैंग से जुड़ी है. 17 साल के कुणाल को मारने वाली ये कोई आम लड़की नहीं बल्कि गुंडागर्दी में माहिर है. उसका नाम जिकरा है. जिकरा अपने साथ पूरा गैंग लेकर घूमती है. इसके हाथ में हमेशा तमंचा रहता है. लड़की अपने साथ बदमाशों की टोली लेकर घूमती है. इन्हीं लोगों ने कुणाल को घेरकर मौत के घाट उतार दिया. वह बदमाशों की टोली के साथ घूमती है. उसके हाथ में हमेशा तमंचा रहता है. जिकरा का गैंग हिंदुओं को धमकी देता है. जिकरा पहले भी उड़ाने की धमकी दे चुकी है. जिकरा के भाई साहिल ने कुणाल की हत्या की थी.
अनुराधा चौधरी उर्फ मैडम मिंज

मैडम मिंज को दिल्ली पुलिस ने स्पेशल सेल ने सहारनपुर से गैंगस्टर काला जठेड़ी के साथ गिरफ्तार किया है. सीकर फतेहपुर के अलफसर गांव रहनेवाली अनुराधा पढ़ाई में तेज थी. उसने बीसीए जैसी प्रॉफेशनल डिग्री ली थी, लेकिन नॉर्मल जॉब उसका एंबिशन नहीं था. अनुराधा और उसका पति फैलिक्स दीपक मिंज ने सीकर में शेयर ट्रेडिंग का काम शुरू किया था. दोनों ने मिलकर लोगों के लाखों रुपए ट्रेडिंग में लगवा दिए. अचानक उसका धंधा चौपट हुआ और करोड़ों के कर्ज में डूब गई. लेनदारी खत्म करने के लिए उसने जुर्म का रास्ता चुना. पैसा वापस लौटाने का दबाव बना तो उसने हिस्ट्रीशीटर बलबीर बानूड़ा के जरिए कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह के सम्पर्क में आ गई. अनुराधा ने घरवालों के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी. जुर्म की दुनिया में एक्टिव होने पर वह आनंदपाल के संपर्क में आई. उससे मिलने से पहले आनंदपाल बिल्कुल देसी लड़का था, शर्ट-पैंट और गमछा पहनने वाला. लेकिन अनुराधा ने उसे बदल दिया. डॉन अब देसी कपड़े छोड़ सूट-बूट और हैट पहनने लगा था. वह अपने बयान भी अंग्रेजी में देने लगा था. इंग्लिश बोलना उसे अनुराधा ने ही सिखाया था. डॉन के हर क्राइम की प्लानिंग अनुराधा ही करती थी. उसने डॉन को अंग्रेजी सिखाई और बदले में डॉन से एके-47 जैसे हाइटेक हथियार चलाने सीखे थे. कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह की एंकाउंटर के बाद बाद गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के सम्पर्क से अनुराधा दिल्ली तक पहुच गई. सीकर के एक व्यापारी के अपहरण के मामले में पुलिस ने अनुराधा पर 5 हजार रुपए इनाम भी घोषित किया था. 27 जून 2006 को बहुचर्चित जीवणराम गोदारा हत्याकांड घटना के मुख्य गवाह प्रमोद चौधरी के भाई इंद्रचंद के अपहरण मामले में भी पुलिस को अनुराधा की तलाश थी. नौ महीनों से लेडी डॉन कुख्यात आनंदपाल के दोनों लिव इन में रह रहे थे. लेडी डॉन अनुराधा चौधरी को साल 2016 में नागौर जिले की एक अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी. इसी के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था. उसके बाद आनंदपाल की मौत हो गई. अनुराधा के घर का नाम मिंटू है. मां के बचपन में ही गुजरने के बाद मिंटू के सिर पर सिर्फ पिता का ही साया बचा था. पिता रामदेव सरकारी विभाग मे थे. मिंटू की शादी जिस शख्स से हुई वो भी अनुराधा के अपराध जगत में फंसने के बाद उससे अलग हो गया. अनुराधा अलफसर फतेहपुर गांव मे पढ़ाई फतेहपुर की चमड़िया कॉलेज में पढ़ी. उसके बाद मोदी लक्ष्मणगढ़ सीकर मे रहे. उसके बाद शादी करके सीकर रहने लगी. पिछले 9 महीने से वो गैंगस्टर काला जठेड़ी के साथ लिव इन में रह रही थी. इसके बाद काला ने तिहाड़ जेल से आकर पुलिस कस्टडी में अनु से शादी कर ली.
अनु धनखड़

गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की गर्लफ्रेंड लेडी डॉन अन्नू धनखड़ को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया था. राजौरी गार्डन के बर्गर किंग में हुई हत्या के मामले में अन्नू धनखड़ की तलाश की जा रही थी. अनु धनकड़ ने अमन जून नाम के शख्स की शूटरों से हत्या कराई थी. राजौरी गार्डन के बर्गर किंग में 2024 में करीब 40 राउंड फायरिंग हुई थी. अनु ने अमन जून से एक फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर दोस्ती की थी और फिर उसे राजौरी गार्डन के बर्गर किंग बुलाया था. वहां उसने उसकी हिमांशु भाऊ के शूटरों से हत्या करवा दी थी. वारदात के पहले अनु दिल्ली में फर्जी पहचान पत्र के जरिए मुखर्जी नगर में एक पीजी में रह रही थी. अनु मूल रूप से रोहतक की रहने वाली है. हरियाणा में एक नामी मिठाई कारोबारी से रंगदारी मांगने का आरोप भी उस पर लगा था.
मनीषा

होटल मालिक से 2 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने गैंगस्टर गैंगस्टर कौशल चौधरी की पत्नी मनीषा को गिरफ्तार किया था. मनीषा विदेश में बैठे अपने भाई सौरभ गाडौली के साथ मिलकर गैंग चला रही थी. वह वर्चस्व स्थापित करने के लिए रंगदारी मांगने के साथ ही होटल पर फायरिंग भी करवा रही थी. मनीषा पर 6 मामले दर्ज हैं. कौशल चौधरी गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद है. कौशल चौधरी को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर विरोधी माना जाता है. गैंगस्टर देवेंद्र बंबीहा की हत्या के बाद चौधरी ही बंबीहा गैंग संभालता है. पहले वह दुबई में रहता था और वहीं से हरियाणा और पंजाब में अपने वारदातों को अंजाम देता था. लेकिन 2021 में पंजाब और गुरुग्राम पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में उसे धर दबोचा. तब से वह जेल में बंद है.
भारत ही नहीं, दुनिया भर में संगठित अपराध में महिलाओं की भूमिका देखी गई है. लैटिन अमेरिका और यूरोप में ड्रग कार्टेल और माफिया नेटवर्क में कई महिलाएं वित्तीय प्रबंधन, तस्करी नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स संभालती रही हैं. कई मामलों में वे परिवार के पुरुष सरगना की गिरफ्तारी या मौत के बाद नेतृत्व संभालती हैं. आज संगठित अपराध का ढांचा बदल चुका है. पहले जहां गैंगवार और हथियार प्रमुख थे, वहीं अब डिजिटल ट्रांजैक्शन, हवाला नेटवर्क, क्रिप्टोकरेंसी और अंतरराष्ट्रीय संपर्क अहम हो चुके हैं. इस बदलते तंत्र में महिलाओं की भूमिका भी बदल रही है. वे फ्रंटलाइन से ज्यादा बैकएंड, फाइनेंस और नेटवर्किंग में सक्रिय दिखती हैं. कुछ ने हालात के चलते गैंग की कमान संभाली, कुछ ने खुद आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं