
नई दिल्ली:
वित्त मंत्री पी चिदंबरम में देश का अगला प्रधानमंत्री होने की काबिलियत है और उन्हीं के इशारे पर कई अहम फ़ैसले हुए हैं। यह स्टोरी छापकर 'द इकोनॉमिस्ट' ने एक नई बहस खड़ी कर दी है।
कांग्रेस कह रही है उसके यहां प्रधानमंत्री तय करने का एक कायदा है। लेकिन इसके बावजूद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वित्त मंत्री पी चिदंबरम कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री पद के अगले उम्मीदवार हो सकते हैं... मशहूर पत्रिका द इकोनॉमिस्ट की इस राय ने एक हलचल मचा दी है। कांग्रेस याद दिला रही है उसके यहां पार्टी आलाकमान ही अगला प्रधानमंत्री तय करेगा। पत्रिका ने याद दिलाया है कि आर्थिक सुधारों पर चिदंबरम एक भरोसे के साथ आगे बढ़ते रहे हैं।
सीपीएम दरअसल इसे उदारीकरण की ताकतों को मज़बूत करने की बाहरी कोशिश की तरह देख रही है। बासुदेव आचार्य ने एनडीटीवी से कहा कि इस स्टोरी के पीछे उदारीकरण लॉबी है जो चाहती है कि अगली सरकार भी आर्थिक उदारीकरण के रास्ते पर आगे बढ़े जबकि कुछ दूसरे नेता इस पर चुटकी ले रहे हैं।
सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि देश का हर मतदाता संभावित पीएम पद का उम्मीदवार हो सकता है।
बीजेडी और तृणमूल इस तरह की चर्चा के ही ख़िलाफ़ हैं। वैसे कहना मुश्किल है इस चर्चा से चिदंबरम को लाभ होगा या नुकसान।
पीएम पद का उम्मीदवार कौन हो… इस सवाल पर बहस अब तक बीजेपी में होती रही है लेकिन द इकोनोमिस्ट मैगज़ीन ने चिदंबरम का नाम लेकर बहस का दायरा बढ़ा दिया है... हालांकि यह सबको पता है कि कांग्रेस की तरफ से 2014 में पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा यह फैसला सिर्फ सोनिया गांधी ही करेंगी।
कांग्रेस कह रही है उसके यहां प्रधानमंत्री तय करने का एक कायदा है। लेकिन इसके बावजूद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वित्त मंत्री पी चिदंबरम कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री पद के अगले उम्मीदवार हो सकते हैं... मशहूर पत्रिका द इकोनॉमिस्ट की इस राय ने एक हलचल मचा दी है। कांग्रेस याद दिला रही है उसके यहां पार्टी आलाकमान ही अगला प्रधानमंत्री तय करेगा। पत्रिका ने याद दिलाया है कि आर्थिक सुधारों पर चिदंबरम एक भरोसे के साथ आगे बढ़ते रहे हैं।
सीपीएम दरअसल इसे उदारीकरण की ताकतों को मज़बूत करने की बाहरी कोशिश की तरह देख रही है। बासुदेव आचार्य ने एनडीटीवी से कहा कि इस स्टोरी के पीछे उदारीकरण लॉबी है जो चाहती है कि अगली सरकार भी आर्थिक उदारीकरण के रास्ते पर आगे बढ़े जबकि कुछ दूसरे नेता इस पर चुटकी ले रहे हैं।
सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि देश का हर मतदाता संभावित पीएम पद का उम्मीदवार हो सकता है।
बीजेडी और तृणमूल इस तरह की चर्चा के ही ख़िलाफ़ हैं। वैसे कहना मुश्किल है इस चर्चा से चिदंबरम को लाभ होगा या नुकसान।
पीएम पद का उम्मीदवार कौन हो… इस सवाल पर बहस अब तक बीजेपी में होती रही है लेकिन द इकोनोमिस्ट मैगज़ीन ने चिदंबरम का नाम लेकर बहस का दायरा बढ़ा दिया है... हालांकि यह सबको पता है कि कांग्रेस की तरफ से 2014 में पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा यह फैसला सिर्फ सोनिया गांधी ही करेंगी।
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