
प्रतीकात्मक तस्वीर
हासन (कर्नाटक):
कर्नाटक में दो पुलिस उपाधीक्षकों के कथित तौर पर आत्महत्या करने से विवादों में घिरी सिद्धारमैया सरकार की मुश्किलें अभी शांत भी नहीं हुई थीं कि प्रशासनिक सेवा की एक अधिकारी ने आज हासन में कथित रूप से आत्महत्या की कोशिश की।
अधिकारियों ने बताया कि सहायक आयुक्त ई विजया ने हासन स्थित अपने निवास पर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचना के अनुसार, विजया ने अपनी पड़ोसी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को अपनी खुदकुशी के बारे में बताते हुए एक संदेश भेजा था, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तुरंत विजया के घर पहुंचीं और अधिकारी को बचाया। फिलहाल विजया का एक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उनकी मां सुमित्रा अम्मा ने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों से दबाव और कुछ समूहों के विरोध प्रदर्शन के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की।
विजया का हाल में हासन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर तबादला हुआ था, जिसके खिलाफ उन्होंने कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण का रुख किया जिसने इस आदेश पर रोक लगा दी।
कई संगठनों ने नागराज की फिर से नियुक्ति किए जाने की मांग करते हुए उनकी जगह नियुक्त हुईं विजया पर ‘‘भ्रष्ट’’ होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
अस्पताल का दौरा करने गए हासन के विधायक एचएस प्रकाश ने एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया कि ‘‘अभी वह डॉक्टरों की निगरानी’’ में हैं लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि ‘‘अब वह खतरे से बाहर हैं।’’ इस हफ्ते इससे पहले बेंगलुरु स्थित विजयनगर पुलिस थाना में सब इंस्पेक्टर रूपा ताम्बड ने खुदकशी की कोशिश की थी।
इससे पहले मंगलुरु के पुलिस उपाधीक्षक एम के गणपति ने सात जुलाई को कथित रूप से खुदकुशी की थी। उन्होंने मरने से पहले दिये बयान में एक मंत्री और दो आईपीएस अधिकारियों का नाम लिया था। दूसरे मामले में चिक्कमगलुरु उपमंडल के उपाधीक्षक कलप्पा हांदीबेग (35) बेलागावी जिले के मुरगोद में अपने ससुर के घर में मृत पाये गये। उनके परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों की साजिश और उत्पीड़न किये जाने का आरोप लगाया था।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने बताया कि सहायक आयुक्त ई विजया ने हासन स्थित अपने निवास पर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचना के अनुसार, विजया ने अपनी पड़ोसी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को अपनी खुदकुशी के बारे में बताते हुए एक संदेश भेजा था, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तुरंत विजया के घर पहुंचीं और अधिकारी को बचाया। फिलहाल विजया का एक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उनकी मां सुमित्रा अम्मा ने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों से दबाव और कुछ समूहों के विरोध प्रदर्शन के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की।
विजया का हाल में हासन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर तबादला हुआ था, जिसके खिलाफ उन्होंने कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण का रुख किया जिसने इस आदेश पर रोक लगा दी।
कई संगठनों ने नागराज की फिर से नियुक्ति किए जाने की मांग करते हुए उनकी जगह नियुक्त हुईं विजया पर ‘‘भ्रष्ट’’ होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
अस्पताल का दौरा करने गए हासन के विधायक एचएस प्रकाश ने एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया कि ‘‘अभी वह डॉक्टरों की निगरानी’’ में हैं लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि ‘‘अब वह खतरे से बाहर हैं।’’ इस हफ्ते इससे पहले बेंगलुरु स्थित विजयनगर पुलिस थाना में सब इंस्पेक्टर रूपा ताम्बड ने खुदकशी की कोशिश की थी।
इससे पहले मंगलुरु के पुलिस उपाधीक्षक एम के गणपति ने सात जुलाई को कथित रूप से खुदकुशी की थी। उन्होंने मरने से पहले दिये बयान में एक मंत्री और दो आईपीएस अधिकारियों का नाम लिया था। दूसरे मामले में चिक्कमगलुरु उपमंडल के उपाधीक्षक कलप्पा हांदीबेग (35) बेलागावी जिले के मुरगोद में अपने ससुर के घर में मृत पाये गये। उनके परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों की साजिश और उत्पीड़न किये जाने का आरोप लगाया था।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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