उद्वव ठाकरे की फाइल तस्वीर
महाराष्ट्र की सत्ता में एक-साथ दिखने वाले शिवसेना-बीजेपी के नेता एक दूसरे पर बिफ़र पड़े हैं। शिवसेना के पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को एक लिहाज से चुनौती देते हुए दोहराया है कि उनके सत्ता में शामिल होने का मतलब यह नहीं की वह सरकार की संपत्ति हो गए। जनहित में फैसले न लेने पर हम सरकार का विरोध करेंगे।
शिवसेना प्रमुख दिवंगत बाल ठाकरे के जन्मदिवस के मौके पर मुंबई में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उद्धव बोल रहे थे। अपने भाषण में उद्धव ने केंद्र की बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए कई सवाल पूछे।
उद्धव ने कहा कि भरपूर सीटें मिलने के बावजूद आजतक धारा 370 क्यों नहीं हटी? उन्होंने साक्षी महाराज के उस बयान का भी विरोध किया, जिसमें हिंदुओं को 10 बच्चे पैदा करने को कहा था। उद्धव ने पूछा कि भेड़-बकरीयों की तरह पैदा किए बच्चों को पालेगा कौन? एक ही बच्चा हो, शेर जैसा हो, यही काफ़ी है।
अपने बयानों से शिवसेना ने बीजेपी सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है। सत्ता में सहयोगी होने के बावजूद शिवसेना से हो रही बयानबाजी को बीजेपी ने दुखद करार दिया है। बीजेपी के महाराष्ट्र प्रवक्ता माधव भांडारी ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा कि शिवसेना को तय करना होगा कि वह क्या करना चाहती है। शिवसेना के नेताओं को सत्ता के साथ आती सामूहिक जिम्मेदारी को याद रखना होगा।
महाराष्ट्र में 25 साल लंबा चला शिवसेना-बीजेपी गठबंधन विधानसभा चुनाव से ऐन पहले टूट गया था, जिसके बाद आए नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और आखिरकार शिवसेना को सत्ता में शामिल होने के लिए दोयम भूमिका स्विकारनी पड़ी। पार्टी नेताओं के बयानों से यह टीस अब भी उभर रही है, जो कि बीजेपी के लिए सिरदर्द बन रही है।
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