
चित्रकूट:
इस साल के अंत तक आम चुनावों की उम्मीद कर रहे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बुधवार को कहा कि केन्द्र में कोई भी उनकी पार्टी या कांग्रेस के समर्थन के बिना अगली सरकार नहीं बना सकता। वस्तुत: आडवाणी ने एक तरह से स्वीकार कर लिया है कि दोनों दलों में से किसी को बहुमत नहीं मिलेगा।
आडवाणी ने यहां उत्तर प्रदेश राज्य भाजपा की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि छह राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद लोकसभा चुनाव 2013 में होंगे.. जब भी ये चुनाव होंगे, तय है कि कांग्रेस को पराजय का स्वाद चखना पड़ेगा।’’
उन्होंने दावा किया कि भाजपा या कांग्रेस के समर्थन के बिना केन्द्र में कोई भी सरकार नहीं बना सकता। राजनीतिक व्यवस्था द्विध्रुवीय राजनीति में तब्दील हो चुकी है।
आडवाणी ने कहा कि कर्नाटक, दिल्ली, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के विधानसभा चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा इन छह राज्यों में अच्छे परिणामों की उम्मीद कर रही है। उसके बाद लोकसभा चुनाव होंगे। आडवाणी ने दावा किया कि मौजूदा शासन में आम आदमी घोटालों और भ्रष्टाचार से तंग आ चुका है और वह वर्तमान सरकार से पीछा छुड़ाना चाहता है।
आडवाणी ने कहा कि भ्रष्टाचार पिछले तीन साल में बड़ा मुद्दा बन गया है और कई घोटाले सामने आए। यहां तक कि मंत्री लोग भ्रष्टाचार के मामलों में जेल गए। उन्होंने कहा कि जनता इस बात से चिन्तित है कि वे इस तरह की (मौजूदा) सरकार के रहते भ्रष्टचार का अंत नहीं देख पा रहे हैं।
आडवाणी ने दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार की कई उपलब्धियां रहीं। इनमें देश को परमाणु शक्ति बनाना, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना और कीमतों पर लगाम लगाना शामिल हैं। अटल सरकार ने पोखरण परमाणु परीक्षणों के कारण आर्थिक प्रतिबंधों का भी सामना किया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं था और कीमतें भी नियंत्रण में थीं।
काले धन के मुद्दे पर भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर यात्रा निकाली थी लेकिन अब तक एक भी पैसा वापस नहीं आया है।
आडवाणी ने यहां उत्तर प्रदेश राज्य भाजपा की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि छह राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद लोकसभा चुनाव 2013 में होंगे.. जब भी ये चुनाव होंगे, तय है कि कांग्रेस को पराजय का स्वाद चखना पड़ेगा।’’
उन्होंने दावा किया कि भाजपा या कांग्रेस के समर्थन के बिना केन्द्र में कोई भी सरकार नहीं बना सकता। राजनीतिक व्यवस्था द्विध्रुवीय राजनीति में तब्दील हो चुकी है।
आडवाणी ने कहा कि कर्नाटक, दिल्ली, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के विधानसभा चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा इन छह राज्यों में अच्छे परिणामों की उम्मीद कर रही है। उसके बाद लोकसभा चुनाव होंगे। आडवाणी ने दावा किया कि मौजूदा शासन में आम आदमी घोटालों और भ्रष्टाचार से तंग आ चुका है और वह वर्तमान सरकार से पीछा छुड़ाना चाहता है।
आडवाणी ने कहा कि भ्रष्टाचार पिछले तीन साल में बड़ा मुद्दा बन गया है और कई घोटाले सामने आए। यहां तक कि मंत्री लोग भ्रष्टाचार के मामलों में जेल गए। उन्होंने कहा कि जनता इस बात से चिन्तित है कि वे इस तरह की (मौजूदा) सरकार के रहते भ्रष्टचार का अंत नहीं देख पा रहे हैं।
आडवाणी ने दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार की कई उपलब्धियां रहीं। इनमें देश को परमाणु शक्ति बनाना, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना और कीमतों पर लगाम लगाना शामिल हैं। अटल सरकार ने पोखरण परमाणु परीक्षणों के कारण आर्थिक प्रतिबंधों का भी सामना किया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं था और कीमतें भी नियंत्रण में थीं।
काले धन के मुद्दे पर भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर यात्रा निकाली थी लेकिन अब तक एक भी पैसा वापस नहीं आया है।
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