
नई दिल्ली:
नए आरोपों से घिरे नितिन गडकरी को दोबारा बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाने की तैयारियां की जा रही हैं। चूंकि रेस में कोई और है नहीं इसलिए बीजेपी और संघ के बड़े नेता गडकरी पर ही सहमत हो गए हैं।
इधर, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप को लेकर नए आरोप लगे हैं। नए आरोपों में कहा गया है कि पूर्ति ग्रुप में 85 फीसदी हिस्सेदारी ऐसी कंपनियों की है जिनका कोई अता−पता नहीं है।
साथ ही, उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते ठेका मिला था लेकिन एनडीटीवी के स्टुडियो आए नितिन गडकरी ने हर आरोप को सिरे से खारिज किया है।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उनसे जुड़े सहकारी समिति पूर्ति समूह में फर्जी शेयरधारक हैं और कंपनी को उस समय काफी फायदा पहुंचाया गया जब वह महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री थे।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
इधर, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप को लेकर नए आरोप लगे हैं। नए आरोपों में कहा गया है कि पूर्ति ग्रुप में 85 फीसदी हिस्सेदारी ऐसी कंपनियों की है जिनका कोई अता−पता नहीं है।
साथ ही, उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते ठेका मिला था लेकिन एनडीटीवी के स्टुडियो आए नितिन गडकरी ने हर आरोप को सिरे से खारिज किया है।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उनसे जुड़े सहकारी समिति पूर्ति समूह में फर्जी शेयरधारक हैं और कंपनी को उस समय काफी फायदा पहुंचाया गया जब वह महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री थे।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
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