2012 Delhi Gang Rape: निर्भया कांड (Nirbhaya case) के आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली 'सजा-ए-मौत' कभी भी अमल में लाई जा सकती है. अगर उन्होंने सात दिन के अंदर राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल नहीं की. इस बाबत तिहाड़ जेल प्रशासन ने बाकायदा चारों आरोपियों को लिखित में नोटिस थमाकर चेतावनी दे दी है.
तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा, "चार में से तीन आरोपी तिहाड़ जेल में और एक आरोपी मंडोली स्थित जेल नंबर- 14 में बंद है. चारों आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से मिली सजा-ए-मौत पर हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी मुहर लगाई जा चुकी है."
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
उल्लेखनीय है कि चारों आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से मिली फांसी की सजा के खिलाफ याचिका डालने का अधिकार था. उसके बाद रिव्यू-पिटिशन (पुनर्विचार याचिका) भी मुजरिम डाल सकते थे. चारों ने मगर इन दो में से किसी भी कदम पर अमल नहीं किया.
Nirbhaya Rape Case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जानिये क्या कहा निर्भया की मां ने, देखें VIDEO
आरोपी सजा-ए-मौत के खिलाफ राष्ट्रपति के यहां भी इस अनुरोध के साथ याचिका दाखिल कर सकते थे कि उनकी सजा-ए-मौत घटाकर उम्रकैद में बदल दी जाए.
तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा, "जेल में बंद चारों ही मुजरिमों ने खुद की सजा कम करने के लिए किसी भी कानूनी लाभ लेने संबंधी कोई कदम नहीं उठाया गया है. ऐसे में जेल की जिम्मेदारी बनती थी कि उन्हें दो टूक आगाह कर दिया जाये."
सूत्रों के मुताबिक, "28 अक्टूबर को यानि दिवाली से एक दिन बाद ही तिहाड़ जेल और मंडोली जेल (जहां चारों मुजरिम बंद हैं) में बंद हत्यारोपियों को संबंधित जेल के अधीक्षकों द्वारा उन्हें नोटिस दे दिए गए. नोटिस में साफ-साफ कहा गया है कि अगर वे ट्रायल कोर्ट से मिली सजा-ए-मौत में कोई रियायत चाहते हैं तो नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल करें."
देखें VIDEO REPORTS, निर्भया गैंगरेप कांड में कब-कब क्या-क्या हुआ...
अचानक जेल अधीक्षकों से मिले इस नोटिस के बाद से तिहाड़ और मंडोली जेल में बंद निर्भया के हत्यारों की नींद उड़ गई है. चारों मुजरिमों में बेचैनी इस बात को लेकर भी है कि वक्त सिर्फ सात दिन का है. वरना उन्हें कभी भी फांसी के फंदे पर लटका दिया जायेगा.
तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने आगे कहा, "दरअसल इस मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन को उस ट्रायल कोर्ट में जबाब भी दाखिल करना था, जिसने इन चारों को फांसी की सजा सुनाई है. जेल प्रशासन काफी समय से इस उम्मीद में था कि चारों मुजरिम वक्त और सुविधा के अनुसार सजा-ए-मौत के खिलाफ शायद राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल कर देंगे. मगर चारों मुजरिमों में से अभी तक किसी ने यह कदम नहीं उठाया है. लिहाजा तिहाड़ जेल प्रशासन ने चारों को बता दिया है कि वे सात दिन के भीतर दया याचिका अगर राष्ट्रपति के सामने पेश करना चाहते हैं तो करें वरना सात दिन बाद आगे की जो भी कानूनी कार्यवाही बनती है वो अमल में लाई जाएगी."
कानून के जानकारों के मुताबिक, "चारों मुजरिमों ने अगर तय समय यानि सात दिन के अंदर महामहिम के यहां दया याचिका दाखिल नहीं की तो अगले कदम के रुप में तिहाड़ जेल प्रशासन यह तथ्य सजा सुनाने वाली ट्रायल कोर्ट के पटल पर रख देगा. उसके बाद ट्रायल कोर्ट कानूनन कभी भी मुजरिमों का डैथ-वारंट जारी कर सकता है. डैथ-वारंट जारी होने का मतलब मुजरिमों का फांसी के फंदे पर लटकना तय है."
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं