
कोझीकोड:
केरल के कोझीकोड में एक धार्मिक उपदेशक की सलाह पर अपने नवजात बच्चे को कथित तौर पर एक दिन तक स्तनपान नहीं कराने के मामले में पिता और उपदेशक दोनों को मुक्काम में गिरफ्तार कर लिया गया है, जो यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर है.
ओमासरी के निवासी अबुबकर सिद्दीकी की पत्नी ने बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे मुक्काम के ईएमएस कोऑपरेटिव अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. जब अस्पताल अधिकारियों ने महिला से अपने बच्चे को स्तनपान कराने के लिए कहा तो अबुबकर ने उसे ऐसा करने से रोकते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के बाद पांच वक्त की आज़ान तक उसे दूध नहीं पिलाया जा सकता.
बच्चे को अगले दिन दोपहर में ही स्तनपान कराया जा सका, क्योंकि अबुबकर ने डॉक्टरों की गुजारिश नहीं मानीं.
अस्पताल की नर्स ने एक शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद अबुबकर (31) और उपदेशक ह्रेडोज थंगल (75) के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई. समझा जाता है कि थंगल ने ही नवजात बच्चे को पांच वक्त की आज़ान सुनने तक स्तनपान नहीं कराने की सलाह अबुबकर को दी थी.
दोनों को किशोर न्याय कानून की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें 24 घंटे के अंदर अदालत में पेश किया जाएगा. केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी जिला पुलिस प्रमुख और मुक्काम पुलिस को पिता के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था जिसने अपनी पत्नी को बच्चे को स्तनपान कराने से रोका था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओमासरी के निवासी अबुबकर सिद्दीकी की पत्नी ने बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे मुक्काम के ईएमएस कोऑपरेटिव अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. जब अस्पताल अधिकारियों ने महिला से अपने बच्चे को स्तनपान कराने के लिए कहा तो अबुबकर ने उसे ऐसा करने से रोकते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के बाद पांच वक्त की आज़ान तक उसे दूध नहीं पिलाया जा सकता.
बच्चे को अगले दिन दोपहर में ही स्तनपान कराया जा सका, क्योंकि अबुबकर ने डॉक्टरों की गुजारिश नहीं मानीं.
अस्पताल की नर्स ने एक शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद अबुबकर (31) और उपदेशक ह्रेडोज थंगल (75) के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई. समझा जाता है कि थंगल ने ही नवजात बच्चे को पांच वक्त की आज़ान सुनने तक स्तनपान नहीं कराने की सलाह अबुबकर को दी थी.
दोनों को किशोर न्याय कानून की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें 24 घंटे के अंदर अदालत में पेश किया जाएगा. केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी जिला पुलिस प्रमुख और मुक्काम पुलिस को पिता के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था जिसने अपनी पत्नी को बच्चे को स्तनपान कराने से रोका था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)