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This Article is From Dec 26, 2012

अचानक जुटने वाली भीड़ से निपटने के लिए कानून की जरूरत : चिदंबरम

अचानक जुटने वाली भीड़ से निपटने के लिए कानून की जरूरत : चिदंबरम
नई दिल्ली: एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को सजा दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज के तरीके पर आलोचनाओं से घिरी सरकार ने बुधवार को माना कि अचानक जुटने वाली भीड़ से निपटने में वह पूरी तरह सक्षम नहीं है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, "अचानक जुटने वाली भीड़ एक नई परिपाटी है। कई बार यह भीड़ नाचने गाने के लिए जमा होती है, लेकिन कई बार प्रदर्शन करने के लिए जमा हो जाती है। हमें इसे ध्यान में लेने की जरूरत है। मैं नहीं समझता कि हम इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। हमारे पास सोप्स (मानक संचालन प्रक्रिया) होना चाहिए।"

प्रदर्शनकारियों से निपटने में पुलिस की विफलता के संबंध में पूछे गए सवाल का चिदंबरम जवाब दे रहे थे। प्रदर्शनकारियों में कई महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भयभीत किया और लाठीचार्ज किया जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

बाद में प्रदर्शनकारियों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को राजधानी के मुख्य हिस्से और उससे सटे मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा। सरकार के इस कदम से मुख्य हिस्से में अवस्थित सरकारी कार्यालयों में काम करने वालों समेत हजारों दैनिक यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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