
केन्द्रीय कृषिमंत्री और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन उनके राज्यसभा जाने की संभावना है।
पवार (73) ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'मैंने चुनाव लड़ने का सिलसिला रोकने का फैसला किया है। इससे मुझे अधिकतम समय पार्टी के कामकाज के लिए देने का मौका मिलेगा। मैं राज्यसभा में जाने के खिलाफ नहीं हूं। संसद के ऊपरी सदन का हर दूसरे साल होने वाला चुनाव मार्च में होगा।'
महाराष्ट्र के नेता ने आज कहा कि हालिया चुनावी परिणामों से मनोबल गिराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पवार ने हालिया विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद कहा था कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को परिणामों पर चिन्तन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता को निर्णय करने वाले नेता चाहिए। जनता उनका समर्थन करती है जो फैसले करते हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को विधानसभा चुनावों के परिणामों पर चिन्तित होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस का 1977 में बेहद खराब प्रदर्शन रहा था, लेकिन इंदिरा गांधी ने दो वर्ष में पार्टी को फिर एकजुट करके सत्ता फिर हासिल की थी।
उन्होंने कहा कि राज्य के बारे में चिंता की कोई जरूरत नहीं है। देश के अन्य भागों में जो कुछ हो रहा है, जरूरत नहीं कि वह महाराष्ट्र में भी हो। हमने चार राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद धूले, नंदुरबार, अकोला और वाशिम जिला परिषद चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हम विश्वास के साथ जनता के पास जाएंगे। कई कारण हैं जिससे विधानसभा चुनावों में हमारे सहयोगी (कांग्रेस) को हार का सामना करना पड़ा।
पवार ने कहा कि मुझे पता था कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारें अपने कामकाज के कारण सत्ता में लौटेंगी, हालांकि जनता ने राजस्थान और दिल्ली में सरकारों के प्रदर्शन को स्वीकार नहीं किया।
पवार ने कहा कि दिल्ली में विधानसभा चुनावों के परिणामों से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बहुत चर्चा थी लेकिन इस पर ग्रहण लग गया है।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना 26 जनवरी से लागू होगी और इसमें 65 फीसदी जनता को शामिल किया जाएगा।
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