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This Article is From Sep 12, 2013

अटल, आडवाणी से बड़ी है नरेंद्र मोदी के नाम की लहर : सुशील मोदी

सुशील मोदी का फाइल फोटो

नई दिल्ली / पटना: बीजेपी के नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने पहली बार खुलकर पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के रवैये का विरोध किया है। एनडीटीवी से खास बातचीत में सुशील मोदी ने कहा कि अटल और आडवाणी से भी बड़ी लहर नरेंद्र मोदी की है और आडवाणी को वक्त का मिजाज समझना चाहिए।

इससे पहले, बुधवार देर रात सुशील मोदी ने अपने टि्वटर एकाउंट पर लिखा कि लालकृष्ण आडवाणी देश की जनता के मूड को नहीं समझ पाए हैं। सुशील मोदी के मुताबिक, एक वक्त था जब आडवाणी ने खुद अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का प्रस्ताव प्रधानमंत्री पद के लिए किया था और अब उन्हें ऐसा ही नरेंद्र मोदी के लिए भी करना चाहिए।

साथ ही सुशील मोदी ने लिखा कि राजनीति ही एक ऐसा पेशा है, जिसमें किसी शख्स की महात्वाकांक्षाएं आखिरी वक्त तक कायम रहती हैं। गौरतलब है कि बीजेपी में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए नरेंद्र मोदी का नाम आरएसएस ने पक्का कर दिया है, लेकिन लालकृष्ण आडवाणी मोदी की उम्मीदवारी अभी न घोषित करने की बात पर अड़ गए हैं।

हालांकि सुशील मोदी ने आडवाणी के बारे में लिखे अपने ट्वीट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देते हुए कहा कि वह जो कुछ हैं, आडवाणी की बदौलत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्वीट के जरिये वह पार्टी कार्यकर्ताओं का मूड बताना चाहते थे।

नरेंद्र मोदी को बीजेपी द्वारा चुनाव प्रमुख बनाए जाने के बाद 16 जून को जेडीयू ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बीजेपी के 11 मंत्रियों, जिसमें सुशील मोदी भी शामिल थे, को अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिए जाने के बाद नीतीश के खिलाफ बिहार में प्रमुख विपक्षी की भूमिका में आई बीजेपी और सुशील मोदी के स्वर मुखर हो गए और वे अब नरेंद्र मोदी का गुणगान कर रहे हैं।

हाल में गया में आयोजित बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी नेतृत्व को नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार शीघ्र घोषित किए जाने की मांग की गई थी, जिसपर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की ओर से झिड़की भी मिली थी।

सुशील मोदी की आडवाणी के बारे में की गई टिप्पणी पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बीजेपी को आज इस ऊंचाई तक पहुंचाने में किसी नेता की बड़ी भूमिका रही है, तो वह आडवाणी जी की रही है। उन्होंने सुशील मोदी द्वारा आडवाणी जी को नसीहत देने पर उनकी निंदा करते हुए कहा कि क्या अपने मां-बाप को कोई अपने से अलग कर सकता है। जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने सुशील मोदी को अवसरवादी नेता बताते हुए कहा कि आडवाणी जी के शिष्य रहे सुशील मोदी अब नरेंद्र मोदी के गुणगान में लगे हुए हैं।

(इनपुट भाषा से भी)

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