
नई दिल्ली:
राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन का ऐलान कर चुके सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतपत्र पर गलती से पीए संगमा के नाम के आगे ठप्पा लगा बैठे।
मुलायम ने हालांकि तुरंत ही भूल का एहसास कर लिया और मतपत्र पेटी में जाने से बच गया। उन्होंने दूसरा मतपत्र लेकर अपनी भूल सुधार की।
बीजेपी ने मुलायम को नया मतपत्र दिए जाने को नियम के खिलाफ बताते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है और उनके दूसरे मतपत्र को रद्द करने की मांग की है।
राष्ट्रपति पद के बीजेपी समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा के चुनाव एजेंट सत्यपाल जैन ने बताया कि मुलायम ने पहले मतपत्र में संगमा के नाम के आगे सहमति का निशान लगा दिया था, लेकिन अपनी भूल का एहसास होने पर उन्होंने स्वयं ही उस मतपत्र को फाड़ दिया, जो सरासर गैर-कानूनी है।
जैन ने कहा कि नियमानुसार मतपत्र पर स्याही गिर जाने या किसी वजह से चिपककर फट जाने की स्थिति में ही दूसरा मतपत्र दिया जाता है, लेकिन मुलायम के मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। चुनाव अधिकारी और चुनाव आयोग के समक्ष दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में उन्होंने कहा कि चूंकि मुलायम ने मतपत्र पर अपनी पसंद अंकित कर दी थी, इसलिए उन्हें दूसरा मतपत्र नहीं दिया जाना चाहिए था। ऐसी स्थिति में तो बिल्कुल नहीं, जबकि उन्होंने मतपत्र स्वयं फाड़ा हो।
वहीं, कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास ने कहा कि ऐसा नियम है कि यदि कोई गलती से मतदान कर दे या फिर कोई मतपत्र खराब हो, तो मतदाता दूसरा मतपत्र ले सकता है।
मुलायम ने हालांकि तुरंत ही भूल का एहसास कर लिया और मतपत्र पेटी में जाने से बच गया। उन्होंने दूसरा मतपत्र लेकर अपनी भूल सुधार की।
बीजेपी ने मुलायम को नया मतपत्र दिए जाने को नियम के खिलाफ बताते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है और उनके दूसरे मतपत्र को रद्द करने की मांग की है।
राष्ट्रपति पद के बीजेपी समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा के चुनाव एजेंट सत्यपाल जैन ने बताया कि मुलायम ने पहले मतपत्र में संगमा के नाम के आगे सहमति का निशान लगा दिया था, लेकिन अपनी भूल का एहसास होने पर उन्होंने स्वयं ही उस मतपत्र को फाड़ दिया, जो सरासर गैर-कानूनी है।
जैन ने कहा कि नियमानुसार मतपत्र पर स्याही गिर जाने या किसी वजह से चिपककर फट जाने की स्थिति में ही दूसरा मतपत्र दिया जाता है, लेकिन मुलायम के मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। चुनाव अधिकारी और चुनाव आयोग के समक्ष दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में उन्होंने कहा कि चूंकि मुलायम ने मतपत्र पर अपनी पसंद अंकित कर दी थी, इसलिए उन्हें दूसरा मतपत्र नहीं दिया जाना चाहिए था। ऐसी स्थिति में तो बिल्कुल नहीं, जबकि उन्होंने मतपत्र स्वयं फाड़ा हो।
वहीं, कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास ने कहा कि ऐसा नियम है कि यदि कोई गलती से मतदान कर दे या फिर कोई मतपत्र खराब हो, तो मतदाता दूसरा मतपत्र ले सकता है।
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