लखनऊ:
विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव अपने पुत्र और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की राह में कांटे बिछा रहे हैं।
विहिप ने कहा, "मुलायम का काल अब समाप्त हो चुका है, लेकिन वह अपने बेटे अखिलेश के आने वाले भविष्य की राह में कांटे ही बो रहे हैं, जिसका नतीजा बहुत बुरा होगा।"
चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार के भीतर संतों को रोकने का साहस नहीं है। यदि सरकार संतों को रोकेगी, तो उसे बहुत गंभीर परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहना होगा। संतों को रोके जाने के बाद यह आंदोलन सिर्फ उत्तर प्रदेश का न होकर पूरे देश में फैलेगा और उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
शर्मा से यह पूछे जाने पर कि विहिप नई परंपरा की शुरुआत करने पर क्यों अडिग है, तो उन्होंने कहा, परंपरा नई नहीं है। संतों की परंपरा के लिए कोई निर्धारित तिथि नहीं होती है। ईद के मौके पर सरकार उन सैकड़ों मस्जिदों को भी खुलवाती है, जो लंबे अरसे से बंद रही हैं और 100 या 200 की संख्या मे संत यदि परिक्रमा करना चाहते हैं, तो वह इतनी बेचैन क्यों है।
शर्मा ने कहा, विहिप लंबे समय से अमरनाथ की यात्रा में भी शामिल नहीं हुई है। लेकिन क्या कल को यदि विहिप यात्रा का फैसला करती है, तो उसे यह कहकर नहीं होने दिया जाएगा कि यह नई परंपरा की शुरुआत है। उन्होंने कहा, "सच मानिए तो मुलायम का काल समाप्त हो गया है। उन्होंने अपने समय में कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, और उनको उसका परिणाम भी भुगतना पड़ा। अब वह अपने बेटे को भी वही सिखा रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए शुभ संकेत नही है। मुलायम अपने बेटे की राह में ही कांटे बो रहे हैं।" शर्मा ने कहा कि यात्रा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यह अपनी तय तिथि पर ही होगी।
विहिप ने कहा, "मुलायम का काल अब समाप्त हो चुका है, लेकिन वह अपने बेटे अखिलेश के आने वाले भविष्य की राह में कांटे ही बो रहे हैं, जिसका नतीजा बहुत बुरा होगा।"
चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार के भीतर संतों को रोकने का साहस नहीं है। यदि सरकार संतों को रोकेगी, तो उसे बहुत गंभीर परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहना होगा। संतों को रोके जाने के बाद यह आंदोलन सिर्फ उत्तर प्रदेश का न होकर पूरे देश में फैलेगा और उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
शर्मा से यह पूछे जाने पर कि विहिप नई परंपरा की शुरुआत करने पर क्यों अडिग है, तो उन्होंने कहा, परंपरा नई नहीं है। संतों की परंपरा के लिए कोई निर्धारित तिथि नहीं होती है। ईद के मौके पर सरकार उन सैकड़ों मस्जिदों को भी खुलवाती है, जो लंबे अरसे से बंद रही हैं और 100 या 200 की संख्या मे संत यदि परिक्रमा करना चाहते हैं, तो वह इतनी बेचैन क्यों है।
शर्मा ने कहा, विहिप लंबे समय से अमरनाथ की यात्रा में भी शामिल नहीं हुई है। लेकिन क्या कल को यदि विहिप यात्रा का फैसला करती है, तो उसे यह कहकर नहीं होने दिया जाएगा कि यह नई परंपरा की शुरुआत है। उन्होंने कहा, "सच मानिए तो मुलायम का काल समाप्त हो गया है। उन्होंने अपने समय में कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, और उनको उसका परिणाम भी भुगतना पड़ा। अब वह अपने बेटे को भी वही सिखा रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए शुभ संकेत नही है। मुलायम अपने बेटे की राह में ही कांटे बो रहे हैं।" शर्मा ने कहा कि यात्रा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यह अपनी तय तिथि पर ही होगी।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
विहिप, विश्व हिन्दू परिषद, 84 कोसी परिक्रमा, विहिप यात्रा, अखिलेश यादव, अयोध्या, उत्तर प्रदेश सरकार, मुलायम सिंह यादव, VHP, VHP Yatra, UP Government, Akhilesh Yadav, Mulayam Singh Yadav