भारत में ही विकसित भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सीन (Covaxin) की क्षमता को लेकर आए आंकड़े भारतीय टीकाकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है. गौरतलब है कि कल जारी हुए इन आंकड़ों में कोवैक्सीन की क्षमता 81% आंकी गई है. सरकारी सूत्रों के अनुसार यह भारत के वैज्ञानिक समुदाय और टीका विकसित करने की प्रक्रिया को मिली एक बड़ी मान्यता है. सूत्रों के अनुसार इससे यह पता चलता है कि भारत बायोटैक की कोवैक्सीन को आपातकालीन मंजूरी देने के फैसले के पीछे ठोस वैज्ञानिक प्रक्रिया और तर्क था. कोवैक्सीन को मंजूरी देने का रेग्यूलेटर और सरकार का फैसला सही साबित हुआ.
आपको बता दें कि कुछ हलकों में कोवैक्सीन को मंजूरी देने पर सवाल उठाए गए थे. कुछ विशेषज्ञों ने कहा था कि कोवैक्सीन को बिना क्षमता के आंकड़ों के मंजूरी देना ठीक नहीं है. हालांकि, बाद में सरकारी दखल के बाद भारत बायोटेक और सीरम इन्स्टीट्यूट ने साझा बयान जारी किया था जिसमें वैश्विक समुदाय की भलाई के लिए साथ मिल कर काम करने का भरोसा दिलाया गया था.
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सरकारी सूत्रों के अनुसार कोवैक्सीन को मिली आपातकालीन मंजूरी से भारत ने दो महीने पहले ही अपने लोगों का टीकाकरण शुरु कर दिया. अगर यह मंजूरी नहीं मिली होती तो मार्च के मध्य में प्रभावशीलता के आंकड़ें आने के बाद टीकाकरण अभियान शुरु होता और इसकी वजह से काफी देर हो चुकी होती.
यहां पर यह बात भी ध्यान देने लायक है कि कोवैक्सीन ‘होल इनऐक्टिवेटेड वायरस' प्लेटफॉर्म पर बनी ऐसी दुनिया की अकेली वैक्सीन है जिसका असर इतना अधिक पाया गया है. यह भारत की ऐसी अकेली वैक्सीन है जिसके तीनों चरण के ट्रायल भारत में ही हुए हैं.
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टीकाकरण अभियान से जुड़ी एक और बड़ी कामयाबी यह है कि भारत अपने उन नागरिकों को जो पैसा देना चाहते हैं, केवल 150 रुपये में टीका मुहैया करा रहा है. अस्पताल का शुल्क इत्यादि के लिए अतिरिक्त 100 रु लिए जा रहे हैं. इस हिसाब से यह दुनिया भर की सबसे सस्ती वैक्सीन में से एक है. कुछ अन्य देशों में वैक्सीन की कीमत 2000 रुपये तक है. लैटिन अमेरिकी कंपनियों में टीका कंपनियां बड़ा मुनाफा कमाने की होड़ में हैं.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत ने एक ऐसा उदाहरण स्थापित किया है, जहां वैज्ञानिक तरक्की केवल धनी श्रेणी के लोगों या लोगों की कीमत पर हासिल नहीं की गई है. भारतीय वैज्ञानिक, वैक्सीन निर्माताओं और सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि वैक्सीन का लाभ समान रुप से सबको मिले.
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