
तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है
हैदराबाद:
तेलंगाना के महबूब नगर में बंद हो चुके नोटों को बदलने की कोशिश करते पोस्टमास्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए ये लोग माओवादियों से जुड़े बताए जा रहे हैं.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना के भदाद्री-कोथेगुदेम जिले में निर्माण कार्य में जुटी कंपनी 'गज इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमीटेड' के उप परियोजना प्रबंधक त्रिनधा राव को सितंबर महीने में माओवादियों ने कथित रूप से धमकी दी और उनसे लेवी मांगी. खम्मम जिले के शीर्ष माओवादी नेता ने उन्हें चिट्ठी लिखकर छत्तीसगढ़ के भीमावरम गांव में बताई जगह पर 12 नवंबर को 1.30 लाख रुपये पहुंचाने को कहा था.
राव के मुताबिक, फिर सरकार ने 8 नवंबर को अचानक 500 और 1000 के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा कर दी, जिस वजह से वह उगाही के पैसों की व्यवस्था नए नोटों में नहीं कर पाए. जब वह और उनका सहायक सिद्धार्थ भीमावरम पहुंचे, तो एके-47 से लैस तीन नकाबपोश माओवादी वहां आए, लेकिन उन्होंने पुराने नोट लेने से मना कर दिया और सिर्फ 2000 के नोट अपने पास रख लिए. उन्होंने बताया कि माओवादियों ने फिर उन्हें दो बैग में भर कर 12 लाख रुपये दिए और इसे नए नोटों में बदलवा पर लाने को कहा. बदले में उन्होंने कथित रूप से उन दोनों को भी हिस्सा देने की पेशकश की. 
इसके बाद राव और उनके सहयोगी ने महबूब नगर जिले के मखतल मंडल स्थित मंथनगोड़े गांव में सत्यनारायण चारी नाम के पोस्टमास्टर से संपर्क किया. चारी कथित रूप से उन नोटों को बदलने के लिए तैयार हो गया, लेकिन इसके लिए उसने तीन महीने का वक्त और 30 फीसदी हिस्सा मांगा. हालांकि आखिर में 15 फीसदी पर सौदा तय हुआ.
पुलिस के मुताबिक, चारी की योजना थी कि वह गांव वालों से झूठ बोलकर कि पोस्ट ऑफिस में नए नोट नहीं आए हैं, उन पैसों को वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और मनरेगा की राशि भुगतान में उपयोग कर लेगा. गांव वालों के लिए यह नहीं पता करना अकसर ही मुश्किल होता है कि पोस्ट ऑफिस में नए नोट आए हैं या नहीं.
महबूब नगर के जिलाधिकारी रेमा राजेश्वरी बताते हैं, 'तेलंगाना में सभी पुलिस दस्तों को डीजीपी से निर्देश मिले थे कि माओवादी रद्द बन चुके अपने नोटों को बदलवाने के लिए अपने समर्थकों, संगठन के कार्यकर्ताओं या फिर ग्रामीणों को धमका कर उनके खातों में जमा करा सकते हैं. हमें इस सौदे की बाबत सूचना मिली थी और उस पर कार्रवाई करते हुए छापे मारे.'
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 12 लाख रुपये और तीन मोबाइल फोन जब्त किया. वहीं आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना के भदाद्री-कोथेगुदेम जिले में निर्माण कार्य में जुटी कंपनी 'गज इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमीटेड' के उप परियोजना प्रबंधक त्रिनधा राव को सितंबर महीने में माओवादियों ने कथित रूप से धमकी दी और उनसे लेवी मांगी. खम्मम जिले के शीर्ष माओवादी नेता ने उन्हें चिट्ठी लिखकर छत्तीसगढ़ के भीमावरम गांव में बताई जगह पर 12 नवंबर को 1.30 लाख रुपये पहुंचाने को कहा था.
राव के मुताबिक, फिर सरकार ने 8 नवंबर को अचानक 500 और 1000 के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा कर दी, जिस वजह से वह उगाही के पैसों की व्यवस्था नए नोटों में नहीं कर पाए. जब वह और उनका सहायक सिद्धार्थ भीमावरम पहुंचे, तो एके-47 से लैस तीन नकाबपोश माओवादी वहां आए, लेकिन उन्होंने पुराने नोट लेने से मना कर दिया और सिर्फ 2000 के नोट अपने पास रख लिए. उन्होंने बताया कि माओवादियों ने फिर उन्हें दो बैग में भर कर 12 लाख रुपये दिए और इसे नए नोटों में बदलवा पर लाने को कहा. बदले में उन्होंने कथित रूप से उन दोनों को भी हिस्सा देने की पेशकश की.

इसके बाद राव और उनके सहयोगी ने महबूब नगर जिले के मखतल मंडल स्थित मंथनगोड़े गांव में सत्यनारायण चारी नाम के पोस्टमास्टर से संपर्क किया. चारी कथित रूप से उन नोटों को बदलने के लिए तैयार हो गया, लेकिन इसके लिए उसने तीन महीने का वक्त और 30 फीसदी हिस्सा मांगा. हालांकि आखिर में 15 फीसदी पर सौदा तय हुआ.
पुलिस के मुताबिक, चारी की योजना थी कि वह गांव वालों से झूठ बोलकर कि पोस्ट ऑफिस में नए नोट नहीं आए हैं, उन पैसों को वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और मनरेगा की राशि भुगतान में उपयोग कर लेगा. गांव वालों के लिए यह नहीं पता करना अकसर ही मुश्किल होता है कि पोस्ट ऑफिस में नए नोट आए हैं या नहीं.
महबूब नगर के जिलाधिकारी रेमा राजेश्वरी बताते हैं, 'तेलंगाना में सभी पुलिस दस्तों को डीजीपी से निर्देश मिले थे कि माओवादी रद्द बन चुके अपने नोटों को बदलवाने के लिए अपने समर्थकों, संगठन के कार्यकर्ताओं या फिर ग्रामीणों को धमका कर उनके खातों में जमा करा सकते हैं. हमें इस सौदे की बाबत सूचना मिली थी और उस पर कार्रवाई करते हुए छापे मारे.'
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 12 लाख रुपये और तीन मोबाइल फोन जब्त किया. वहीं आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं