
केंद्र सरकार की तरफ से मॉनसून सत्र में लाए गए कृषि बिल को लेकर सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं. प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने जहां देश भर में विरोध करने की बात कही है वहीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भी सोमवार को इस बिल के विरोध में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. ममता बनर्जी ने संसद में विरोध कर रहे सांसदों का समर्थन किया और एलान किया कि मंगलवार से उनकी पार्टी इस बिल के विरोध में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेगी.
कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा किजिस तरह से किसानों के बिल पास किए गए, मैं कहता हूं, छी बीजेपी छी( बीजेपी शर्म करो). बीजेपी देश के लिए शर्म की बात है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने किसानों के अधिकारों को हड़पा है. साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि "हम घंटी बजाएंगे और शंख बजाएंगे और लोगों को बताएंगे कि हमें अब इस भाजपा सरकार की जरूरत नहीं है. इस भाजपा सरकार को जाने की जरूरत है. यह भाजपा सरकार शर्म की सरकार है. यह केंद्र की भाजपा सरकार 'छी-छी' सरकार है."
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तृणमूल महिला कांग्रेस कल कोलकाता में गांधी प्रतिमा पर धरने पर बैठेगी और संसद परिसर में गांधी प्रतिमा पर दिल्ली में विरोध कर रहे सांसदों को बधाई दी. बाद में उन्होंने प्रदर्शनकारी सांसदों से फोन पर बात भीकी. ममता बनर्जी की नाराजगी सिर्फ कृषि बिलों के पारित होने से ही नहीं बल्कि उसके दो राज्यसभा सांसदों को राज्यसभा से निलंबित किये जाने के कारण भी वो नाराज थी.
गौरतलब है कि डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन उन आठ सांसदों में शामिल हैं जिन्हें राज्यसभा में कृषि बिलों के आने के बाद कल "दुर्व्यवहार" के लिए निलंबित कर दिया गया था. केवल कृषि बिल ही नहीं, ममता बनर्जी ने श्रम बिलों के विरोध के लिए भी आह्वान किया है.
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