
ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) अगले एक हजार साल में भी राज्य की सत्ता हासिल नहीं कर सकेगी। उन्होंने वामपंथी मोर्चे की किसान रैली को हिंसक बताया।
वाम मोर्चे की गुरुवार की रैली में हिंसा हुई थी। कई लोग घायल हुए थे, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ममता हिंसा के लिए वाम मोर्चे पर जमकर बरसीं और माकपा को राजनैतिक रूप से दिवालिया बताया।
पार्टी की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस समारोह में ममता ने कहा, 'वे लोग जिन्हें जनता नकार चुकी है, जो पुराने जमाने की राजनीति करते हैं, वे तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या इसी को कामरेड लोग राजनीति कहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'माकपा राजनैतिक रूप से दिवालिया है। उसकी विचारधारा ईंट, बंदूक और हत्या है। 2016 को भूल जाइए, माकपा 3016 में भी सत्ता में नहीं आने वाली। इन्हें जनता हर जगह नकार चुकी है।'
उन्होंने वाम मोर्चा सरकार पर राज्य को बर्बादी की कगार तक ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि माकपा, बीजेपी और कांग्रेस गुपचुप तरीके से साथ मिलकर राज्य में तनाव पैदा करना चाह रही हैं।
उन्होंने कहा, 'जरा-जरा सी बात पर बंद बुलाना विपक्ष का शौक बन चुका है। प्रदर्शन का मतलब गुंडावाद नहीं होता। हमने भी विपक्ष में रहने के दौरान प्रदर्शन किए थे, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया।'
ममता ने कहा कि कांग्रेस पश्चिमी मिदनापुर में छात्रों के गुटीय संघर्ष में एक छात्र कृष्ण प्रसाद जाना की हत्या के मामले को राजनैतिक रंग दे रही है।
ममता ने कहा, 'हर मौत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। कुछ लोग ऐसी दुखद घटना का इस्तेमाल तृणमूल को बदनाम करने के लिए कर रहे हैं।' कांग्रेस ने जाना की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है।
वाम मोर्चे की गुरुवार की रैली में हिंसा हुई थी। कई लोग घायल हुए थे, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ममता हिंसा के लिए वाम मोर्चे पर जमकर बरसीं और माकपा को राजनैतिक रूप से दिवालिया बताया।
पार्टी की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस समारोह में ममता ने कहा, 'वे लोग जिन्हें जनता नकार चुकी है, जो पुराने जमाने की राजनीति करते हैं, वे तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या इसी को कामरेड लोग राजनीति कहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'माकपा राजनैतिक रूप से दिवालिया है। उसकी विचारधारा ईंट, बंदूक और हत्या है। 2016 को भूल जाइए, माकपा 3016 में भी सत्ता में नहीं आने वाली। इन्हें जनता हर जगह नकार चुकी है।'
उन्होंने वाम मोर्चा सरकार पर राज्य को बर्बादी की कगार तक ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि माकपा, बीजेपी और कांग्रेस गुपचुप तरीके से साथ मिलकर राज्य में तनाव पैदा करना चाह रही हैं।
उन्होंने कहा, 'जरा-जरा सी बात पर बंद बुलाना विपक्ष का शौक बन चुका है। प्रदर्शन का मतलब गुंडावाद नहीं होता। हमने भी विपक्ष में रहने के दौरान प्रदर्शन किए थे, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया।'
ममता ने कहा कि कांग्रेस पश्चिमी मिदनापुर में छात्रों के गुटीय संघर्ष में एक छात्र कृष्ण प्रसाद जाना की हत्या के मामले को राजनैतिक रंग दे रही है।
ममता ने कहा, 'हर मौत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। कुछ लोग ऐसी दुखद घटना का इस्तेमाल तृणमूल को बदनाम करने के लिए कर रहे हैं।' कांग्रेस ने जाना की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है।
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