
देश में कोरोनावायरस के कहर के बावजूद मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हर साल आयोजित किए जाने वाले गोटमार मेले का इस बार भी आयोजन किया गया. इस मेले में दो गांवों के लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं. बुधवार को छिंदवाड़ा के पांढुर्ना इलाके में हुए इस मेले में 110 लोग घायल हुए हैं, वहीं पुलिस की एक गाड़ी क्षतिग्रस्त भी हो गई है. मेले के दौरान के फुटेज भी सामने आए हैं, जिसमें साफ दिख रहा है कि यहां न तो कोरोनावायरस का खौफ है न पुलिस का डर. धारा 144 लागू होने के बावजूद वीडियो में देखा जा सकता है कि नदी के किनारे और पुल पर सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद हैं. वहीं बहुत से लोगों ने मास्क भी नहीं लगा रखा है.
Despite restrictions imposed under section 144 and coronavirus pandemic, the traditional Gotmar mela was held in Chhindwara about 110 people were injured and a police vehicle was also damaged @ndtvindia @ndtv @GargiRawat @manishndtv #आदर्श_गणेशोत्सव #dabholkar #Sadhus pic.twitter.com/HU1SJqgNiL
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) August 20, 2020
इस मेले के आयोजन के चलते यहां दो अतिरिक्त एसपी, सात SDOP, 10 पुलिस इंचार्ज, 30 SI और 50 ASI की तैनाती हुई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया.
Around 500 policemen including two additional Superintendents of Police, seven SDOPs, 10 Police In-charges, 30 SIs, 50 ASIs were deployed but they remained as mute spectators. Gotmar is the annual fight between people of two villages where stones are hurled at opponents. pic.twitter.com/VjxGhC4CdC
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) August 20, 2020
बता दें कि छिंदवाड़ा के इस इलाके में होने वाले इस सालाना मेले की प्रथा है कि इस दौरान दो गांवों के लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं. इस बार कोरोनावायरस महामारी के चलते लॉकडाउन जैसी स्थिति है. वहीं संक्रमण रोकने के लिए धारा 144 लागू की गई है, ताकि लोग भीड़ में इकट्ठा न हो, लेकिन इस घटना में देखा जा सकता है कि न यहां पर कोरोनावायरस को लेकर कोई सतर्कता है, न ही धारा 144 लागू होने का कोई मतलब.
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