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This Article is From Jun 19, 2011

हेगड़े को है कमज़ोर कानून बनने का अंदेशा...

नई दिल्ली: लोकपाल बिल ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य और कर्नाटक के लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े को अंदेशा है कि लोकपाल की सारी मेहनत बेकार चली जाएगी और एक कड़ा लोकपाल कानून नहीं बन पाएगा। हेगड़े का कहना है कि सरकार के सदस्यों से हुई आखिरी बैठक के बाद नहीं लगता कि दोनों पक्षों की आपसी बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा। हेगड़े ने कहा कि ऐसे हालत में शक्तिशाली कानून बनने पर सवाल खड़ा हो गया है। हेगड़े के मुताबिक सरकार प्रधानमंत्री, न्यायपालिका और सेना के द्वारा खरीद-फरोख्त को जांच के दायरे से बाहर रखना चाहती है। आज सीबीआई को आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया है कल ये कहा जा सकता है कि पुलिस को भी इस दायरे से बाहर रखा जाए। हेगड़े ने यह भी कहा कि सरकार को एक न एक दिन यह एहसास जरूर होगा कि वह एक अच्छा काम कर सकते थे लेकिन उन्होंने मौका गंवा दिया। दूसरी ओर जस्टिस हेगड़े ने यह भी कहा कि अन्ना हज़ारे से उनका कोई मतभेद नहीं है। अगर अन्ना हज़ारे अनशन करते हैं तो वह उनके साथ हैं।

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हेगड़े, कमज़ोर, कानून