
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
गुरुवार को शुरू हुआ संसद का शीतसत्र तय कार्यक्रम के अनुसार 12 दिन तक, यानी 20 दिसंबर तक चलेगा। सत्र में कई अहम बिल सरकार के एजेंडे में हैं, जिनमें महिला आरक्षण बिल, लोकपाल बिल और तरक्की में आरक्षण से जुड़े बिल शामिल हैं। इस सत्र में कई अहम मुद्दों को लेकर हंगामे के भी आसार हैं।
बीजेपी देश के आर्थिक हालात, मुजफ्फरनगर दंगों और आतंकी हमलों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकी है। वहीं लेफ्ट पार्टियों ने मांग की है कि मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के साथ अर्थव्यवस्था की खराब हालत पर बहस की जाए।
समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर इस सत्र में महिला बिल या फिर प्रमोशन में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए कोटा देने से जुड़ा बिल लाया गया तो वह संसद की कार्यवाही नहीं चलने देगी।
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि संसद का शीतकालीन सत्र छोटा है इसलिए उन बिलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो संसद के किसी एक सदन में पास हो चुके हैं।
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