दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट 3 मार्च को सुनवाई करेगा. दिल्ली सरकार की जल्द सुनवाई की याचिका पर CJI एन वी रमना ने मंगलवार को सहमति जताई है. दिल्ली में नौकरशाहों के सेवा मामलों को नियंत्रित करने वाले कानूनी सवाल पर सुनवाई अब तीन मार्च को होगी. बता दें कि वरिष्ठ वकील एएम सिंघवी ने दिल्ली सरकार की ओर से सुनवाई की मांग की है. पहले दो जजों की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया था, जिसके बाद मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया था.
दरअसल, अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग मामले में दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है और सेवा मुद्दे पर जल्द सुनवाई की मांग की है. सेवाओं के नियंत्रण को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच कानूनी विवाद से संबंधित मामला लंबित है. यह सेवाओं के मुद्दे से संबंधित मामला है जिसका उल्लेख सूची II की प्रविष्टि 41 में है.
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दिल्ली सरकार के मुताबिक, संवैधानिक बेंच के फैसले के अनुसार, केवल 3 विषयों को केंद्र सरकार के क्षेत्र में रखा गया था- पुलिस, भूमि और सार्वजनिक व्यवस्था. दो जजों की बेंच ने सेवा मामले में अलग-अलग विचार दिए और फिर तीन जजों को ये मामला भेजा गया. उसका कहना है कि चूंकि संपूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण वर्तमान में केंद्र सरकार के पास है, ये यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. ये दिल्ली सरकार को अपनी नीतियों को संचालित करने और लागू करने की क्षमता में बाधा डालता है.
बता दें कि फरवरी 2019 में, सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने सेवाओं पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की शक्तियों के सवाल पर एक विभाजित फैसला दिया था और मामले को 3 न्यायाधीशों की पीठ को भेज दिया था, तभी से ये मामला लंबित है.
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