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This Article is From Jul 27, 2020

केरल : स्थानीय निवासियों के विरोध करने पर कोविड-19 मरीज की अंत्येष्टि रुकी

नगर निकाय पार्षद के नेतृत्व में हुए विरोध के बाद अधिकारियों ने कोविड-19 मरीज के शव की अंत्येष्टि स्थगित करने का निर्णय लिया

केरल : स्थानीय निवासियों के विरोध करने पर कोविड-19 मरीज की अंत्येष्टि रुकी
प्रतीकात्मक तस्वीर
कोट्टायम:

Kerala Coronavirus: केरल के कोट्टायम में रविवार को कई स्थानीय निवासियों ने कोविड-19 से मरने वाले एक व्यक्ति के शव की गरिमापूर्ण अंत्येष्टि किए जाने का विरोध किया और कहा कि इससे उनके भी संक्रमण की चपेट में आने का डर है. जिले के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. एक नगर निकाय पार्षद के नेतृत्व में हुए विरोध के बाद अधिकारियों ने कोविड-19 मरीज के शव की अंत्येष्टि स्थगित करने का निर्णय लिया.

विरोध करने वाले लोगों ने मुत्ताम्बलम इलाके में कोट्टायम नगरपालिका द्वारा संचालित शवदाह गृह के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया और आरोप लगाया कि कोविड-19 से मरने वाले 83 वर्षीय एक व्यक्ति का शव अंतिम संस्कार के लिए लाया गया था और इससे इलाके के निवासियों का जीवन खतरे में पड़ गया. निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक गिरिजाघर ने शव को अपने कब्रिस्तान में दफनाने से इंकार कर दिया, जिसके बाद उसे शवदाह गृह में लाया गया था.

इस मामले की जानकारी मिलने पर कोट्टायम के विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन और उनके समर्थकों ने मामले में हस्तक्षेप किया और अंत्येष्टि नहीं करने देने का फैसला किया. इस मामले पर अंतिम फैसला सोमवार को लिया जाएगा. 
वहीं, इससे पहले दिन में उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कोविड-19 मरीजों को अपमानित करने और इस वायरस के कारण मरने वाले लोगों की गरिमापूर्ण अंत्येष्टि नहीं करने देने की घटनाओं पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरी तरह अवांछित हैं और स्थानीय लोगों एवं समाज से आग्रह किया कि ऐसी घटनाओं का दोहराव नहीं हो.

एक फेसबुक पोस्ट में नायडू ने कहा, '' समय की मांग है कि हम पूर्वाग्रह के खिलाफ लड़ें और इसे जड़ से समाप्त करें. अन्यथा, यह फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं से भी अधिक विषैला हो सकता है.'' उप राष्ट्रपति ने उन खबरों का भी हवाला दिया, जहां लोगों ने इस वायरस के कारण मरने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के लिए स्थान उपलब्ध कराने का भी विरोध किया था. उन्होंने कहा कि यह व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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