
पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की फाइल फोटो
श्रीनगर:
सत्तारूढ़ पीडीपी को एक और झटका लगा है. पार्टी नेता निसार अहमद मंडू ने रविवार को यह कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया कि वह कश्मीरियों के रक्तपात के साथ खड़े नहीं हो सकते. कश्मीर में चल रही अशांति के मद्देनजर इस्तीफा देने वाले पार्टी के वह दूसरे प्रमुख नेता हैं.
मंडू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैं पीडीपी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि मैं कश्मीरियों के रक्तपात के साथ खड़ा नहीं हो सकता.'' वह पार्टी की श्रीनगर इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे.
मंडू ने अपने इस्तीफे की वजह के तौर पर बीजेपी-पीडीपी गठबंधन की जन-विरोधी नीतियों का भी हवाला दिया.
उन्होंने कहा, ''मैं पिछले 16 वर्षों से पीडीपी से जुड़ा रहा हूं. पार्टी का गठन लोगों के जीवन और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए हुआ था लेकिन आज पार्टी इन सिद्धांतों से भटक गई है.''
पीडीपी के संस्थापक सदस्य और श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से पार्टी के लोकसभा सदस्य रहे तारिक हमीद कर्रा ने गत 15 सितंबर को आम नागरिकों की हत्या के विरोध में पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मंडू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैं पीडीपी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि मैं कश्मीरियों के रक्तपात के साथ खड़ा नहीं हो सकता.'' वह पार्टी की श्रीनगर इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे.
मंडू ने अपने इस्तीफे की वजह के तौर पर बीजेपी-पीडीपी गठबंधन की जन-विरोधी नीतियों का भी हवाला दिया.
उन्होंने कहा, ''मैं पिछले 16 वर्षों से पीडीपी से जुड़ा रहा हूं. पार्टी का गठन लोगों के जीवन और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए हुआ था लेकिन आज पार्टी इन सिद्धांतों से भटक गई है.''
पीडीपी के संस्थापक सदस्य और श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से पार्टी के लोकसभा सदस्य रहे तारिक हमीद कर्रा ने गत 15 सितंबर को आम नागरिकों की हत्या के विरोध में पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
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