श्रीनगर:
कश्मीर घाटी में मंगलवार को सिलसिलेवार हमलों के बाद सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि इन हमलों में सेना का हाथ हो सकता है। बाद में इस नेता ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी की सुरक्षा एजेंसी पर आरोप नहीं लगाया है। नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव मुस्तफा कमाल ने कहा, इन हमलों को लेकर सेना पर संदेह की अंगुली उठती है। पुलिस ने इन हमलों के लिए आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है। कमाल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के रिश्तेदार हैं। सेना ने कमाल के बयान पर कहा कि इसमें कोई दम नहीं है। बाद में कमाल ने ऐसा कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।