
corbettonline.uk.gov.in से ली गई तस्वीर
नैनीताल:
मॉनसून सीजन में पांच महीने बंद रहने के बाद देश के सबसे पुराने और बाघों के संरक्षण के लिए विश्वविख्यात जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के गेट रविवार को फिर से पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खोल दिए गए। आज से नेशनल पार्क में रुकने की भी सुविधा मिलेगी।
कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक समीर सिन्हा ने नैनीताल में बताया कि जिम कॉर्बेट पार्क के सभी जोन और रेंजों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मॉनसून सीजन के चलते पार्क को हर साल 15 जून को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि पार्क के खुलते ही उसे पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और वर्तमान नवंबर महीने के लिए ऑनलाइन बुकिंग पूरी हो चुकी है।
करीब 521 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले जिम कॉर्बेट राष्टीय उद्यान की स्थापना 1936 में बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए की गई थी। कॉर्बेट पार्क से ही देश में बाघों के संरक्षण के सघन प्रयास के लिए आरंभ किए गए 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की गई थी।
कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक समीर सिन्हा ने नैनीताल में बताया कि जिम कॉर्बेट पार्क के सभी जोन और रेंजों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मॉनसून सीजन के चलते पार्क को हर साल 15 जून को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि पार्क के खुलते ही उसे पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और वर्तमान नवंबर महीने के लिए ऑनलाइन बुकिंग पूरी हो चुकी है।
करीब 521 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले जिम कॉर्बेट राष्टीय उद्यान की स्थापना 1936 में बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए की गई थी। कॉर्बेट पार्क से ही देश में बाघों के संरक्षण के सघन प्रयास के लिए आरंभ किए गए 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की गई थी।
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