जेईई-मेन परीक्षा : रिकार्ड 100 उम्मीदवारों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया, 18 ने शीर्ष रैंक की साझा

जेईई मेन परीक्षा में प्रथम रैंक प्राप्त करने वालों में गौरव दास (कर्नाटक), वैभव विशाल (बिहार), डी वेंकट पनीश (आंध्र प्रदेश) शामिल हैं .

जेईई-मेन परीक्षा : रिकार्ड 100 उम्मीदवारों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया, 18 ने शीर्ष रैंक की साझा

जेईई-मेन परीक्षा : रिकार्ड 100 उम्मीदवारों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए इस वर्ष जेईई-मेन प्रवेश परीक्षा (JEE-Main Exam) में रिकार्ड 44 उम्मीदवारों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया और 18 उम्मीदवारों ने शीर्ष रैंक साझा की. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने यह जानकारी दी. जेईई मेन परीक्षा का परीणाम (JEE-Main Exam Result) मंगलवार और बुधवार के बीच की रात में जारी किया गया और कुछ घंटों तक वेबसाइट काम नहीं कर रही थी.

जेईई मेन परीक्षा में प्रथम रैंक प्राप्त करने वालों में गौरव दास (कर्नाटक), वैभव विशाल (बिहार), डी वेंकट पनीश (आंध्र प्रदेश) शामिल हैं . शीर्ष रैंक प्राप्त करने वालों में सिद्धांत मुखर्जी, अंशुल वर्मा और मृदुल अग्रवाल (राजस्थान), रूचिर बंसल एवं काव्या चोपड़ा (दिल्ली), अमिया सिंघल और पाल अग्रवाल (उत्तर प्रदेश), कोम्मा शरण्या एवं ज्वायसुला वेंकट आदित्य (तेलंगाना), पी वीर शिवा, कामम लोकेश और के राहुल नायडु (आंध्र प्रदेश), पुलकित गोयल (पंजाब) तथा गुरमीत सिंह (चंडीगढ़) शामिल हैं .

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 24 उम्मीदवारों को 100 परसेंटाइल हासिल हुआ था .कदाचार के मामलों के मद्देनजर 20 उम्मीदवारों के भविष्य में तीन वर्ष तक परीक्षा में उपस्थित होने पर रोक लगा दी गयी है और उनका परिणाम भी रोक दिया गया है. उल्लेखनीय है कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)-मेन साल में चार बार आयोजित की जा रही है ताकि छात्रों को अपने स्कोर में सुधार का मौका मिल सके. पहला चरण फरवरी में और दूसरा मार्च में आयोजित किया गया था.


इसके अगले चरण की परीक्षाएं अप्रैल और मई में होनी थी, किंतु देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए उन्हें स्थगित कर दिया गया था. इसके बाद तीसरा चरण 20-25 जुलाई तक आयोजित किया गया था जबकि चौथा चरण 26 अगस्त से दो सितंबर तक आयोजित किया गया था. परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी जिनमें अंग्रेजी, हिन्दी, गुजराती, असमी, बंगाली, कन्नड़, मलयाली, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलूगु और उर्दू शामिल हैं . जेईई मेन के चारों चरणों में 9.34 लाख से अधिक उम्मीदवार उपस्थित हुए . परीक्षा 334 शहरों में 925 केंद्रों पर आयोजित की गई थी .

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


एनटीए के नीति के अनुसार, गणित में अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाती है . इसके बाद भौतिकी और फिर रसायन में प्राप्त अंक को महत्व दिया जाता है. यदि इसके बाद भी फैसला नहीं हो पाने की स्थिति में (टाई) जिस उम्मीदवार के नकारात्मक अंक (नेगेटिव) आनुपातिक रूप से कम होते हैं, उसे वरीयता दी जाती है.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)