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This Article is From Jun 11, 2020

भारत और चीन के बीच शीर्ष नेताओं के मार्गदर्शन में LAC विवाद सुलझाने पर बनी सहमति: विदेश मंत्रालय

भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर चीन ने बुधवार को कहा था कि सीमा पर हालात सामान्य बनाने के मकसद से छह जून को दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच हुई ‘सकारात्मक बातचीत' के आधार पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

भारत और चीन के बीच शीर्ष नेताओं के मार्गदर्शन में LAC विवाद सुलझाने पर बनी सहमति: विदेश मंत्रालय
प्रतीकात्‍मक फोटोभारत-चीन के बीच सीमा विवाद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर सहमति बनी है (प्रतीकात्‍मक फोटो)
नई दिल्ली:

India-China standoff: भारत के विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) ने कहा है कि भारत और चीन के बीच LAC विवाद (LAC Dispute) की दोनों देशों के नेताओं के मार्गदर्शन में जल्द निबटारे को लेकर सहमति बनी है. दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है ताकि शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दे का निबटारा हो सके. ये सीमा के इलाकों में शांति और स्थिरता के लिए भी जरूरी है. यह दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों के लिए भी जरूरी है. गौरतलब है कि इसके पहले 6 जून को कोर कमांडर स्तर की बातचीत चुशूल इलाके में हुई थी. सीमा विवाद सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर के प्रयासों के तहत यह बातचीत आयोजित हुई थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया जिसमें पिछले कुछ दिनों में पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी और हॉट स्प्रिंग में संघर्ष के इलाकों से भारत और चीन दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की खबर के बारे में पूछा गया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जैसा कि आपको पता है कि छह जून 2020 को भारत और चीन के कार्प्स कमांडरों के बीच चूसूल-मोल्डो क्षेत्र में बैठक हुई थी. यह बैठक भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों में उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये दोनों पक्षों के बीच जारी राजनयिक और सैन्य संवाद जारी रखने के तहत हुई.नेपाल के साथ नक्‍शा विवाद पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का  भी जवाब नहीं दिया कि भारत इस पर जल्द ही नेपाल से बात करेगा या नहीं. हालांकि उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि भारत के नेपाल के साथ रिश्ते बेहद अहम है और कोविड-19 से लड़ने में भारत बाकी पड़ोसी देशों के साथ साथ नेपाल की भी मदद कर रहा है. नेपाल ने हाल ही में एक नया राजनीतिक मानचित्र (नक्‍शा) स्वीकार किया है जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाली क्षेत्र में दर्शाया गया है. 

गौरतलब है कि भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर चीन ने बुधवार को कहा था कि सीमा पर हालात सामान्य बनाने के मकसद से छह जून को दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच हुई ‘सकारात्मक बातचीत' के आधार पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. एक दिन पहले नयी दिल्ली में अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को सैन्य वार्ता के दूसरे दौर के पहले, शांतिपूर्ण तरीके से सीमा गतिरोध को खत्म करने के इरादे से भारत और चीन की सेना ने पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाके से पीछे हटने का फैसला किया है. उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि, क्या दोनों तरफ के जवान अपनी पुरानी स्थिति की तरफ लौट रहे हैं, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सीमा पर स्थिति सहज बनाने के लिए दोनों तरफ कदम उठाए जा रहे हैं .उन्होंने कहा, ‘‘हाल में चीन और भारत के बीच कूटनीतिक और सैन्य माध्यम से सीमा पर स्थिति के बारे में प्रभावी बातचीत हुई और सकारात्मक सहमति बनी है.''

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