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This Article is From Nov 17, 2015

कश्मीर में युवाओं की आईएसआईएस में रुचि, पुलिस बेखबर

कश्मीर में युवाओं की आईएसआईएस में रुचि, पुलिस बेखबर
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली: पेरिस पर हुए आईएसआईएस के हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। वैसे इस आतंकी गुट का असर कश्मीर में भी लंबे समय से दिख रहा है। एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीरी युवा इंटरनेट पर सबसे अधिक आईएसआईएस के बारे में सर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी भी जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी राजेन्द्रा कहते हैं कि 'हमने हर केस की जांच की है और हमने ऐसी कोई विचारधारा नहीं देखी है।'

हर शुक्रवार को लहराता है आईएसआईएस का झंडा
पिछले एक साल से शायद ही ऐसा कोई शुक्रवार गुजरता हो जिस दिन जम्मू-कश्मीर में आईएसआईएस का झंडा न दिखता हो। पुलिस ने अब तक किसी को भी इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया है। वह ऐसी घटनाओं को कुछ सिरफिरे युवकों की करामात बताते हुए मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। गौरतलब है कि आईएसआईएस ने पूरी दुनिया को फतह करने की जिस योजना का खुलासा किया था उसके मुताबिक वह 2020 तक भारत पर कब्जे का सपना पाले हुए है। सेना तो पहले ही इस पर गहरी चिंता जता चुकी है कि क्योंकि कश्मीर के युवक आईएसआईएस की ओर आकृष्ट हो रहे हैं।

क्या किसी बड़ी घटना के बाद खुलेगी आंख?
श्रीनगर के 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने कहा कि 'हम कश्मीर में आईएसआईएस को लेकर बढ़ती रुचि इस पर नजर रखे हुए हैं। सारी एजेंसियां इस पर काबू पा लेंगी।' दूसरी तरफ कश्मीर में तैनात एक खुफिया अधिकारी का कहना है कि 'शायद वे किसी बड़ी घटना या उस हमले का इंतजार कर रहे हैं जिसमें आईएसआईएस अपनी ताकत दिखाए, तभी उनकी आंख खुलेगी।'

इसी साल सिंतबर महीने में गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट चिंता बढ़ाने वाली है। इस रिपोर्ट में खुफिया विभाग ने कहा है कि देश भर में कश्मीर में सबसे ज्यादा 16 से 30 साल के युवा इंटरनेट पर आईएसआईएस के बारे में सर्च करते हैं।

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