
हैदराबाद:
हैदराबाद में गुरुवार को हुए दोहरे बम विस्फोटों की शुरुआती जांच से पता चला है कि विस्फोट के लिए आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल किया गया और विस्फोट का तरीका प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन द्वारा पूर्व में किए गए विस्फोटों से मिलता है।
पुलिस ने बताया, एक-दूसरे से 100 मीटर की दूरी पर लगाए गए दो साइकिलों में आईईडी बांधकर विस्फोट किया गया। दोनों जगहों पर अमोनियम नाइट्रेट के अंश भी पाए गए हैं। गुरुवार शाम हुए बम धमाकों में मरने वाले लोगों की संख्या 16 हो गई है। घायलों में से पांच की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
एनएसजी और एनआईए के फोरेंसिक विशेषज्ञ और राज्य पुलिस, घटना स्थल पर से मिली सभी सामग्रियों की जांच कर रही हैं। इससे जुड़ी अंतिम रिपोर्ट दी जानी बाकी है।
दिल्ली पुलिस और हैदराबाद पुलिस, पिछले साल अक्तूबर में दिल्ली पुलिस के विशेष सेल द्वारा हैदराबाद में गिरफ्तार किए गए इंडियन मुजाहिदीन के एक कथित आतंकवादी से पूछताछ कर सकती है।
तिहाड़ जेल में बंद मकबूल ने कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन, हैदराबाद में कुछ जगहों पर आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहा है और इसके लिए इलाकों की टोह ले ली गई है।
केंद्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने गुरुवार रात कहा था कि विस्फोट ‘बहुत शक्तिशाली’ थे जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि बस स्टॉप पर हुए बम विस्फोट का असर इतना ज्यादा था कि इसके ठीक पीछे खड़ी एक तीन मंजिला इमारत में स्थित दो दुकानों के अंदरूनी हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
पुलिस महानिदेशक दिनेश रेड्डी ने कहा कि हमलों में आईईडी का इस्तेमाल किया गया और इसे ‘निश्चततौर पर किसी आतंकवादी समूह ने अंजाम दिया’। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने आज दिलसुखनगर इलाके में घटना स्थल का दौरा किया।
शिन्दे आज सुबह एक विशेष विमान से हैदराबाद पहुंचे। उन्होंने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है और राज्य सरकार ने एक जांच दल नियुक्त कर दिया है।
हैदराबाद में विस्फोट होने की संभावना की खुफिया जानकारी मिलने से संबंधित सवाल पूछे जाने पर शिन्दे ने कहा कि ऐसी कोई विशेष चेतावनी नहीं मिली थी और राज्यों को सिर्फ एक सामान्य चेतावनी जारी की गई थी।
हमले में आतंकवादी समूह के शामिल होने से संबंधित सवाल पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा, इस समय हम कुछ नहीं कह सकते। हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में कल शाम भीड़ भरे बस स्टैंडों के पास दो शक्तिशाली बम विस्फोट हुए थे।
साइबराबाद थाना क्षेत्र के हैदराबाद-विजयवाड़ा राजमार्ग इलाके में स्थित कोणार्क और वेंकटादिरी सिनेमाघरों के नजदीक सड़क किनारे बने खाने-पीने की एक दुकान के बाहर दो साइकिलों में बांधकर रखे गए आईईडी में विस्फोट के द्वारा इस हमले को अंजाम दिया गया।
इससे पहले यहां वर्ष 2002 में भी एक बम विस्फोट हुआ था। तब दिलसुखनगर इलाके के साईंबाबा मंदिर के पास एक बम विस्फोट हुआ था, जिसमें दो लोग मारे गए थे।
पुलिस ने बताया, एक-दूसरे से 100 मीटर की दूरी पर लगाए गए दो साइकिलों में आईईडी बांधकर विस्फोट किया गया। दोनों जगहों पर अमोनियम नाइट्रेट के अंश भी पाए गए हैं। गुरुवार शाम हुए बम धमाकों में मरने वाले लोगों की संख्या 16 हो गई है। घायलों में से पांच की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
एनएसजी और एनआईए के फोरेंसिक विशेषज्ञ और राज्य पुलिस, घटना स्थल पर से मिली सभी सामग्रियों की जांच कर रही हैं। इससे जुड़ी अंतिम रिपोर्ट दी जानी बाकी है।
दिल्ली पुलिस और हैदराबाद पुलिस, पिछले साल अक्तूबर में दिल्ली पुलिस के विशेष सेल द्वारा हैदराबाद में गिरफ्तार किए गए इंडियन मुजाहिदीन के एक कथित आतंकवादी से पूछताछ कर सकती है।
तिहाड़ जेल में बंद मकबूल ने कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन, हैदराबाद में कुछ जगहों पर आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहा है और इसके लिए इलाकों की टोह ले ली गई है।
केंद्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने गुरुवार रात कहा था कि विस्फोट ‘बहुत शक्तिशाली’ थे जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि बस स्टॉप पर हुए बम विस्फोट का असर इतना ज्यादा था कि इसके ठीक पीछे खड़ी एक तीन मंजिला इमारत में स्थित दो दुकानों के अंदरूनी हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
पुलिस महानिदेशक दिनेश रेड्डी ने कहा कि हमलों में आईईडी का इस्तेमाल किया गया और इसे ‘निश्चततौर पर किसी आतंकवादी समूह ने अंजाम दिया’। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने आज दिलसुखनगर इलाके में घटना स्थल का दौरा किया।
शिन्दे आज सुबह एक विशेष विमान से हैदराबाद पहुंचे। उन्होंने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है और राज्य सरकार ने एक जांच दल नियुक्त कर दिया है।
हैदराबाद में विस्फोट होने की संभावना की खुफिया जानकारी मिलने से संबंधित सवाल पूछे जाने पर शिन्दे ने कहा कि ऐसी कोई विशेष चेतावनी नहीं मिली थी और राज्यों को सिर्फ एक सामान्य चेतावनी जारी की गई थी।
हमले में आतंकवादी समूह के शामिल होने से संबंधित सवाल पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा, इस समय हम कुछ नहीं कह सकते। हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में कल शाम भीड़ भरे बस स्टैंडों के पास दो शक्तिशाली बम विस्फोट हुए थे।
साइबराबाद थाना क्षेत्र के हैदराबाद-विजयवाड़ा राजमार्ग इलाके में स्थित कोणार्क और वेंकटादिरी सिनेमाघरों के नजदीक सड़क किनारे बने खाने-पीने की एक दुकान के बाहर दो साइकिलों में बांधकर रखे गए आईईडी में विस्फोट के द्वारा इस हमले को अंजाम दिया गया।
इससे पहले यहां वर्ष 2002 में भी एक बम विस्फोट हुआ था। तब दिलसुखनगर इलाके के साईंबाबा मंदिर के पास एक बम विस्फोट हुआ था, जिसमें दो लोग मारे गए थे।
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