
नई दिल्ली:
एम्स के सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर कमल वेदी को दिल्ली पुलिस ने एम्स से गिरफ्तार कर लिया है, उनका लैपटॉप, मोबाइल, डायरी और फोन भी जब्त कर लिए गए। रविवार सुबह उनकी पत्नी और एम्स में ही डॉक्टर प्रिया वेदी ने सुसाइड नोट में ये आरोप लगाते हुए खुदकुशी कर ली कि डॉ कमल समलैंगिक है।
मध्य दिल्ली के डीसीपी परमादित्य का कहना है कि उन्होंने इस मामले में दहेज मांगने और प्रताड़ित करने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और जांच जारी है, वहीं जयपुर की रहने वाली प्रिया के घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि प्रिया ने कमल के समलैंगिक होने की बात पहले बतायी थी, इस मामले में कमल के पिता और कमल से भी बात की गयी थी। उन्होंने कहा कि बच्चे डॉक्टर हैं समझदार हैं सब ठीक हो जाएगा, लेकिन 15 दिन पहले भी प्रिया ने नींद की गोलयां खाकर जान देने की कोशिश की थी।
अब इस बात को लेकर बहस चल पड़ी है कि अगर प्रिया और कमल के परिवारों को कमल के समलैंगिक होने की जानकारी थी तो उन्होंने इसे नजरअंदाज क्यों किया। समलैंगिक मामलों के कार्यकर्ता मुनीष कबीर मल्होत्रा का कहना है कि प्रिया एक पढ़ी-लिखी महिला थी, अगर उसे जानकारी थी कि कमल गे है तो वो तलाक ले सकती थी या फिर शादी के पहले कमल को प्रिया को अपने समलैंगिक होने की जानकारी दे देनी चाहिए थी।
मुनीष कहते हैं कि अगर कोई समलैंगिक है तो उसकी जबरन शादी न की जाए, नहीं तो परिणाम ऐसे ही होगें। सरकार को चाहिए कि वो समलैंगिकता को अपराध के चश्मे से न देखे, जब तक इसे अपराध की श्रेणी से नहीं निकाला जाएगा ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
मध्य दिल्ली के डीसीपी परमादित्य का कहना है कि उन्होंने इस मामले में दहेज मांगने और प्रताड़ित करने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और जांच जारी है, वहीं जयपुर की रहने वाली प्रिया के घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि प्रिया ने कमल के समलैंगिक होने की बात पहले बतायी थी, इस मामले में कमल के पिता और कमल से भी बात की गयी थी। उन्होंने कहा कि बच्चे डॉक्टर हैं समझदार हैं सब ठीक हो जाएगा, लेकिन 15 दिन पहले भी प्रिया ने नींद की गोलयां खाकर जान देने की कोशिश की थी।
अब इस बात को लेकर बहस चल पड़ी है कि अगर प्रिया और कमल के परिवारों को कमल के समलैंगिक होने की जानकारी थी तो उन्होंने इसे नजरअंदाज क्यों किया। समलैंगिक मामलों के कार्यकर्ता मुनीष कबीर मल्होत्रा का कहना है कि प्रिया एक पढ़ी-लिखी महिला थी, अगर उसे जानकारी थी कि कमल गे है तो वो तलाक ले सकती थी या फिर शादी के पहले कमल को प्रिया को अपने समलैंगिक होने की जानकारी दे देनी चाहिए थी।
मुनीष कहते हैं कि अगर कोई समलैंगिक है तो उसकी जबरन शादी न की जाए, नहीं तो परिणाम ऐसे ही होगें। सरकार को चाहिए कि वो समलैंगिकता को अपराध के चश्मे से न देखे, जब तक इसे अपराध की श्रेणी से नहीं निकाला जाएगा ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
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