विज्ञापन
This Article is From Dec 18, 2016

बेंगलुरू : किस तरह काले धन को सफेद करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट का इस्तेमाल हुआ

बेंगलुरू : किस तरह काले धन को सफेद करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट का इस्तेमाल हुआ
बेंगलुरू: कालेधन पर लगाम कसने की केंद्र सरकार की मुहिम के बाद देशभर में आयकर विभाग, सीबीआई और पुलिस के छापे पड़ रहे हैं. इन छापों से साफ हो रहा है कि जो पैसा आम आदमी के पास जाना चाहिए था, उसे गैरकानूनी तरीकों से बैंक अधिकारियों की मिली भगत से कुछ 'ख़ास लोगों' तक पहुंचाया जा रहा है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में ऐसी ही एक धांधली का पर्दाफाश किया गया है जिसमें बार बार डीमांड ड्राफ्ट जारी और रद्द करते हुए एक प्रायवेट कंपनी के मालिक के पास नगदी पहुंचाई जा रही थी.

बेंगलुरू में बसावनगुड़ी की सेंट्रल बैंक शाखा पर सीबीआई की नज़र तब पड़ी जब अगरबत्ती बनाने वाली एक कंपनी ओंकार परिमल मंदिर के डायरेक्टर एस गोपाल ने अपने बेटे अश्विन सुन्कु के साथ 70 लाख रुपये के 149 डिमांड ड्राफ्ट बैंक से जारी करने को कहा. यह डीडी बजाज फायनेंस लिमिटेड के नाम पर 15 और 18 नवंबर को जारी किए गए. डीडी का भुगतान नगदी में पुराने नोटों को देकर किया गया.

लेकिन कुछ ही दिनों में कंपनी मालिक ने ड्राफ्ट रद्द कर दिया और बैंक ने उन्हें सारे नए नोटों में डीडी की रकम लौटाई. बैंक एसोसिएशन अधिकारियों का कहना है कि यह आरबीआई नियमों के खिलाफ है. डीडी को नकद के एवज़ में जारी नहीं किया जा सकता.

अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ के अध्यक्ष एस एस सिसौदिया कहते हैं 'डीडी को सिर्फ ग्राहक के खाते को डेबिट करके की जारी किया जा सकता है. ये काम काउंटर पर पैसा देकर नहीं किया जा सकता. नए नियमों के अनुसार अगर कोई ग्राहक काउंटर पर नगदी लेकर आता है और डीडी जारी करने का आग्रह करता है तो यह नहीं किया जा सकता. इसे सिर्फ ग्राहक के खाते से ही जारी किया जा सकता है.'

इस मामले में सीबीआई ने गोपाल सुन्कु और बैंक के वरिष्ठ मैनेजर लक्ष्मी नारायाण को गिरफ्तार कर लिया है. सीबीआई को संदेह है कि नारायण की मिलीभगत के बगैर यह लेनदेन मुमकिन नहीं था. जब एनडीटीवी ने बैंक शाखा से संपर्क साधा तो मैनेजर ने मुद्दे पर बात करने से इंकार कर दिया. बैंक के रीजनल प्रमुख ने टिप्पणी से इंकार कर दिया क्योंकि मामले की फिलहाल जांच हो रही है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
नोटबंदी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, डिमांड ड्राफ्ट, नगदी, आयकर का छापा, Noteban, Central Bank Of India, Demand Draft, Cash, IT Department, Bengaluru, बेंगलुरू