
रांची:
राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के प्रत्याशी प्रणब मुखर्जी ने कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि तृणमूल पार्टी की नेता ममता बनर्जी 19 जुलाई को होने वाले चुनाव में उनका ही समर्थन करेंगी।
प्रणब ने गुरुवार को रांची में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मेरी जानकारी के अनुसार तृणमूल पार्टी की नेता ममता बनर्जी राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनावों में मतदान के दो-तीन दिनों पूर्व ही अपनी पार्टी के समर्थन के बारे में अंतिम फैसला करेंगी और उम्मीद है कि वह मेरा ही समर्थन करेंगी।"
प्रणब ने कहा कि यूपीए के सिर्फ एक दल के अलावा उसके सभी घटक उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे है। उनके अलावा अन्य दलों में जेडीयू, शिवसेना, सपा, बसपा और देवगौड़ा की जनता दल (एस) भी उनका समर्थन कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन सभी दलों के समर्थन का वह आभारी हैं और उन्हें विश्वास है कि वह इन चुनावों में सभी के समर्थन से विजयी होंगे। लाभ के पद पर बने रहने के पीए संगमा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि वह इन चुनावों में इस तरह की कोई बहस नहीं चाहते हैं। इन आरोपों को निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग ने पहले ही खारिज कर दिया है और अब इस मुद्दे पर वह कोई टिप्पणी नही करेंगे।
इससे पहले, प्रणब मुखर्जी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन, झारखंड विकास मोर्चा (प्र) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, आजसू के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो से मुलाकात की और उनसे अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन मांगा।
प्रणब ने गुरुवार को रांची में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मेरी जानकारी के अनुसार तृणमूल पार्टी की नेता ममता बनर्जी राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनावों में मतदान के दो-तीन दिनों पूर्व ही अपनी पार्टी के समर्थन के बारे में अंतिम फैसला करेंगी और उम्मीद है कि वह मेरा ही समर्थन करेंगी।"
प्रणब ने कहा कि यूपीए के सिर्फ एक दल के अलावा उसके सभी घटक उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे है। उनके अलावा अन्य दलों में जेडीयू, शिवसेना, सपा, बसपा और देवगौड़ा की जनता दल (एस) भी उनका समर्थन कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन सभी दलों के समर्थन का वह आभारी हैं और उन्हें विश्वास है कि वह इन चुनावों में सभी के समर्थन से विजयी होंगे। लाभ के पद पर बने रहने के पीए संगमा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि वह इन चुनावों में इस तरह की कोई बहस नहीं चाहते हैं। इन आरोपों को निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग ने पहले ही खारिज कर दिया है और अब इस मुद्दे पर वह कोई टिप्पणी नही करेंगे।
इससे पहले, प्रणब मुखर्जी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन, झारखंड विकास मोर्चा (प्र) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, आजसू के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो से मुलाकात की और उनसे अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन मांगा।
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