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This Article is From Sep 04, 2013

रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी : कानून की मदद करने की सजा, मारपीट-यौन उत्पीड़न

नई दिल्ली: कोलकाता में रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी की एक छात्रा को पुलिस की मदद करने की सज़ा मिल रही है। इस छात्रा ने यूनिवर्सिटी में हुए एक झगड़े में टीएमसी छात्र यूनियन से जुड़े छात्रों के खिलाफ गवाही दी थी। छात्रा इतनी डरी हुई है कि परीक्षा देने भी नहीं जा रही है।

22 साल की इस लड़की के साथ इस साल जुलाई में कुछ लड़कों ने मारपीट की, उसका यौन उत्पीड़न किया और उसे चार घंटे एक कमरे में बंद रखा। रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी की ये छात्रा इतनी डरी हुई है कि वह इम्तिहान में भी नहीं बैठी। जहां वह पेइंग गेस्ट के तौर पर रहती थी, वह जगह भी उसने छोड़ दी।

इस लड़की का कसूर बस इतना है कि वह रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी में हुई एक झड़प की चश्मदीद गवाह है। तब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के छात्रों के साथ बाहर से आए टीएमसी के लोगों ने मारपीट की थी।

इन लोगों के खिलाफ इस लड़की ने पुलिस में गवाही दी। अब वो बता रही है कि उससे इसका बदला लिया जा रहा है। हालत ये है कि यूनिवर्सिटी में टीएमसी छात्र संगठन के नेता भी इन बाहरी लोगों से डरे हुए हैं। उन्होंने टीएमसी के बड़े नेताओं को चिट्ठी लिखी, लेकिन कुछ हुआ नहीं।

ममता बनर्जी के फोटो के सामने यूनियन रूम में इस तरह नाचते ये विश्वजीत दास और सिमियौन सोरेन हैं। इनके खिलाफ मारपीट से लेकर यौन उत्पीड़न तक के आरोप हैं, लेकिन इनके खिलाफ यूनिवर्सिटी ने कुछ नहीं किया। इस मामले में सात लड़के आरोपी थे, तीन को पहले ही बेल मिल चुकी है।

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