
जी दलाई (मध्य में) का फाइल फोटो
नई दिल्ली:
उरी हमले में शहीद हुए सिपाही जी दलाई (22) के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर का पश्चिम बंगाल के उनके गांव में इंतजार कर रहे परिजन इसके लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा चाहते हैं. रविवार सुबह उरी आर्मी बेस में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 17 जवानों में दलाई भी थे. गंभीर रूप से घायल एक अन्य जवान के विकास जनार्दन की सोमवार को मौत हो गई.
शोक में डूबे जवान दलाई के पिता ने कहा, ''वह केवल 22 साल का था. आमतौर पर ऐसी जगहों पर सीनियरों को भेजा जाता है. वह तो बेहद जूनियर था. ऐसे में उसको वहां क्यों भेजा गया.'' जवान की मां ने न्यूज एजेंसी ANI को कहा, ''उसने मुझे गुरुवार को फोन किया था और कहा था कि मैं यहां से चला जाऊंगा...बम फेंके जाते हैं...वे हमें मार देंगे.''
महाराष्ट्र में अमरावती के शहीद हुए जवान यू जानराव (27) के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर का शोकाकुल परिजन इंतजार कर रहे हैं. सेना में जवान रह चुके जानराव के पिता ने कहा, ''वह 2009 में सेना में भर्ती हुआ था. फिलहाल उसकी पोस्टिंग बारामूला में थी. हमारी छह दिन पहले ही बातचीत हुई थी.''
उल्लेखनीय है कि यह हमला उरी आर्मी बेस पर उस वक्त हुआ जब ड्यूटी की कमान की 6-बिहार और 10 डोगरा रेजीमेंट के बीच अदला-बदली हो रही थी. शहीद हुए 15 सैनिक बिहार रेजीमेंट के थे.
श्रीनगर में सोमवार सुबह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद इन शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके घरों के लिए ले जाया जा रहा है. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सेना के 92 बेस अस्पताल में जाकर इस हमले में घायल हुए जवानों का हाल-चाल जाना. इसमें 20 लोग घायल हुए हैं और उनमें से सात की हालत गंभीर है.
रविवार को उरी आतंकी हमले में शहीद हुए जवान
शोक में डूबे जवान दलाई के पिता ने कहा, ''वह केवल 22 साल का था. आमतौर पर ऐसी जगहों पर सीनियरों को भेजा जाता है. वह तो बेहद जूनियर था. ऐसे में उसको वहां क्यों भेजा गया.'' जवान की मां ने न्यूज एजेंसी ANI को कहा, ''उसने मुझे गुरुवार को फोन किया था और कहा था कि मैं यहां से चला जाऊंगा...बम फेंके जाते हैं...वे हमें मार देंगे.''
महाराष्ट्र में अमरावती के शहीद हुए जवान यू जानराव (27) के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर का शोकाकुल परिजन इंतजार कर रहे हैं. सेना में जवान रह चुके जानराव के पिता ने कहा, ''वह 2009 में सेना में भर्ती हुआ था. फिलहाल उसकी पोस्टिंग बारामूला में थी. हमारी छह दिन पहले ही बातचीत हुई थी.''
उल्लेखनीय है कि यह हमला उरी आर्मी बेस पर उस वक्त हुआ जब ड्यूटी की कमान की 6-बिहार और 10 डोगरा रेजीमेंट के बीच अदला-बदली हो रही थी. शहीद हुए 15 सैनिक बिहार रेजीमेंट के थे.
श्रीनगर में सोमवार सुबह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद इन शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके घरों के लिए ले जाया जा रहा है. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सेना के 92 बेस अस्पताल में जाकर इस हमले में घायल हुए जवानों का हाल-चाल जाना. इसमें 20 लोग घायल हुए हैं और उनमें से सात की हालत गंभीर है.

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