विज्ञापन
This Article is From Jan 26, 2016

शिवराज सिंह बोले- सोचा भी नहीं था कि एमएलए बनूंगा, मगर सीएम बन गया

शिवराज सिंह बोले- सोचा भी नहीं था कि एमएलए बनूंगा, मगर सीएम बन गया
शिवराद सिंह चौहान की फाइल फोटो
रतलाम: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रतलाम में आदिवासी छात्राओं के छात्रावास का जायजा लिया और छात्राओं के साथ भोजन किया। इस दौरान छात्राओं द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि उन्होंने तो कभी एमएलए तक बनने का नहीं सोचा था, मगर राज्य का मुख्यमंत्री बन गए। वह भी एक बार नहीं, बल्कि तीसरी बार।

गणतंत्र दिवस समारोह में नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को ध्वजारोहण किया और आमजन से राज्य के विकास में सहयोग मांगा। इसके बाद मुख्यमंत्री चौहान पत्नी साधना सिंह के साथ आदिवासी छात्रावास जा पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ भोजन भी किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान और छात्राओं के बीच सवाल जवाब का दौर भी चला। एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछ ही लिया कि आप मुख्यमंत्री कैसे बन गए, इस पर चौहान ने छात्रा से प्रतिप्रश्न किया कि क्या तुम भी सीएम बनना चाहती हो?

चौहान ने बताया कि उनके परिवार को लोग बड़े आदमी नहीं थे, जैत गांव के छोटे किसान परिवार में उनका जन्म हुआ था। उन्होंने बताया, 'मैंने तो कभी एमएलए (विधायक) बनने तक का नहीं सोचा था, मगर मुख्यमंत्री बन गया। जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तो लोगों ने सवाल उठाए कि यह कभी मंत्री नहीं बना, सीधे मुख्यमंत्री बन गया है, यह सरकार चला नहीं पाएगा, मगर ऐसा हुआ नहीं। मुख्यमंत्री एक बार नहीं, बल्कि तीसरी बार बना हूं।'

मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा, 'अगर संकल्प हो तो कोई भी बड़ा काम कर सकता है। मेरे पास भी सुविधाएं नहीं थीं। अगर आप बड़ा काम करना चाहते हैं तो दृढ़ संकल्प रखें।'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
मध्य प्रदेश, शिवराज सिंह चौहान, गणतंत्र दिवस, Madhya Pradesh, Shivraj Singh Chauhan, Republic Day