
हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. यहां 31 अक्टूबर का दिन मतदान के लिए तय किया गया है. हरियाणा के सियासी घमासान में करनाल एक अहम सीट मानी जाती है. राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का विधानसभा क्षेत्र होने के नाते करनाल विधानसभा सीट और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. मौजूदा वक्त में इसे मनोहर लाल खट्टर का गढ़ कहा जाता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लगे हुए क्षेत्र का नाम का महाभारत के पात्र दानवीर कर्ण के नाम पर पड़ा है. इस सीट को सिख, ब्राह्मण, राजपूत और महाजन वोटों से प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. लोकसभा चुनावों की बात करें तो 2014 और 2019 में बीजेपी को करनाल में जीत मिली थी.
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करनाल विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव साल 1967 में हुए थे. जहां बीजेएस को जीत मिली थी. 2014 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के मनोहर लाल खट्टर को जीत मिली थी, जिन्हें बीजेपी ने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी. 2014 के विधानसभा चुनाव में मनोहर लाल खट्टर ने निर्दलीय उम्मीदरवार जयप्रकाश को भारी अंतर से हराया था. सीएम खट्टर को 82485 वोट मिले थे. चूंकि करनाल को खट्टर का गढ़ कहा जाता है लिहाजा विरोधी पार्टियों की तैयारी गढ़ में सेंधमारी की है. करनाल में मनोहर लाल खट्टर का सामना कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेंद्र नरवाल से है.
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2011 की जनगणना के अनुसार करनाल की आबादी 1505324 है, जिनमें पुरुषों की जनसंख्या 797,712 और महिलाओं की संख्या 707,612 है. जनगणना के लिहाज से करनाल राज्य में 5वें स्थान पर है. करनाल में लिंग अनुपात 887 है. करनाल में अनूसुचित जाति के लोगों की 22.6 फीसदी है. वहीं करनाल में साक्षरता दर की बात करें तो आपको बता दें कि 74.7 फीसदी है. जिले की ज्यादातर आबादी कृषि पर निर्भर है.
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