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This Article is From Aug 28, 2015

OROP मुद्दा : रक्षा मंत्री बोले- 'छोटी-मोटी कमियां दूर करने की जरूरत, पूर्व सैन्यकर्मी नाखुश

OROP मुद्दा : रक्षा मंत्री बोले- 'छोटी-मोटी कमियां दूर करने की जरूरत, पूर्व सैन्यकर्मी नाखुश
रक्षामंत्री पर्रिकर की फाइल फोटो
नई दिल्ली: वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर बीती 16 अगस्त से अनशन पर बैठे पूर्व सैन्यकर्मियों को निराश करते हुए रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि इसे लागू करने के लिए अभी भी कुछ छोटी मोटी' कमियों को दूर करना बाकी है और पीएमओ इसका समाधान ढूंढने में सीधे तौर पर शामिल है।

ओआरओपी के लिए समय-सीमा निर्धारित करने में सरकार की ओर से देरी से नाराज पूर्व सैन्यकर्मियों ने पाकिस्तान के साथ 1965 में हुए युद्ध के स्वर्ण जयंती समारोह का बहिष्कार करने का आज फैसला किया। पर्रिकर ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'सरकार छोटी मोटी कमियों को दूर करने के लिए काम कर रही है और पीएमओ ओआरओपी के मुद्दे से निपटने में सीधे तौर पर शामिल है। उन्होंने मुद्दे के समाधान के लिए कुछ और समय दिए जाने को कहा।

उन्होंने कहा, 'अब छोटी मोटी कमियों को दूर किया जा रहा है। इसके लिए समय दें। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को (स्वतंत्रता दिवस भाषण) में सिद्धांत रूप में इसे अपनी मंजूरी दी है। अब, पीएमओ सीधे तौर पर शामिल है... ऐसे में इसे इतने दिनों में ही करने को कहने से फायदा नहीं होगा।'  उन्होंने कहा, 'मुद्दे का समाधान करने के लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं।'

पर्रिकर का बयान प्रदर्शनकारियों को रास नहीं आया। उन्होंने कहा कि वे इससे निराश हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय मांग रहे हैं। डियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट के अध्यक्ष मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने कहा, 'रक्षा मंत्री ने जो कुछ भी कहा, उससे मैं निराश हूं। वह अब कह रहे हैं कि कुछ कमियां है। वह ऐसा कुछ भी नहीं कह सकते जो उससे पूरी तरह अलग हो जो हमें इन दिनों में कहा गया।' उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक जो भी पेशकश की है वह स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा, 'उन्होंने अंतत: जो कुछ भी पेशकश की है वह हमें स्वीकार्य नहीं है। कल हमें जो कुछ भी कहा गया है वह उस परिभाषा के कहीं भी करीब नहीं है. जिसपर संसद ने फैसला किया था और स्वीकार किया था।' उन्होंने कहा कि पूर्व सैन्यकर्मियों ने हर साल पेंशन में वृद्धि करने की बजाय पांच साल पर पेंशन में वृद्धि करने की सरकार की पेशकश को ठुकरा दिया है।

इस बीच पूर्व सैन्यकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उनसे जल्द से जल्द 'वन रैंक वन पेंशन' लागू करने के लिए सरकार पर दबाव डालने का अनुरोध किया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री के समक्ष ओआरओपी के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत प्रजेंटेशन दिया और उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की मांग उचित है। सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

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