
गोवा सरकार ने प्रदेश के सरकारी संस्थानों में काम करने वाले चिकित्सकों की सेवा निवृत्ति की उम्र सीमा 60 साल से बढ़ा कर 62 कर दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी. सरकारी कर्मचारियों के संगठन ने हालांकि सरकार के इस कदम का विरोध किया है. प्रदेश के श्रम आयुक्त जयंत तारी ने बताया कि यह आदेश हाल ही में श्रम विभाग के अवर सचिव ने जारी किया है. ईएसआई अस्पतालों, गोवा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अलावा अन्य सरकारी संस्थानों में काम करने वाले चिकित्सक इस आदेश से लाभान्वित होंगे.
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इस नये आदेश से जो लोग लाभान्वित होंगे उनमें कथित रूप से प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मनोहर अजगांवकर के भाई भी शामिल हैं. उप मुख्यमंत्री के भाई डॉ. श्रीकांत अजगांवकर दक्षिण गोवा के ईएसआई अस्पताल में कार्यरत हैं. गोवा सरकारी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष प्रशांत देवीदास ने कहा कि हमने मीडिया में आयी खबरों का संज्ञान लिया है कि इससे मंत्री के भाई को लाभ मिलेगा. हमने मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है. हमलोग सरकार की ओर से किसी भी सेवा में सेवा निवृत्ति उम्र बढ़ाये जाने के खिलाफ हैं. डॉ. श्रीकांत से संपर्क नहीं हो सका है. उप मुख्यमंत्री अजगांवकर ने कहा है कि चिकित्सकों की सेवा निवृत्ति की उम्र कानून के अनुरूप ही बढ़ायी गयी है.
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