बिना ISI मार्क हेलमेट पर हो सकता है चालान, बेचना या खरीदना भी पड़ेगा महंगा, लागू हुए नए नियम

सड़क परिवहन और राजमार्ग (Road Transport and Highway Ministry) मंत्रालय ने 26 नवंबर, 2020 को 'दोपहिया मोटर वाहन सवारों के लिए हेलमेट (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020' की अधिसूचना जारी की थी. इसमें सभी दोपहिया हेलमेट को (BIS) प्रमाणित यानी ISI मार्क का होना अनिवार्य किया गया था.

बिना ISI मार्क हेलमेट पर हो सकता है चालान, बेचना या खरीदना भी पड़ेगा महंगा, लागू हुए नए नियम

ISI Helmet दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठे सवारियों के लिए अनिवार्य

नई दिल्ली:

देश में बिना आईएसआई मार्क वाला हेलमेट (Non ISI Mark Helmet) बेचने या खरीदने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है, जो 1 जून से प्रभावी भी हो गई है. अगर आप बिना बीआईएस (BIS) सर्टिफिकेशन वाला हेलमेट पहनकर निकलते हैं तो ट्रैफिक पुलिस आपका चालान (Traffic Challan) भी कर सकती है. ऐसे हेलमेट खरीदने या बेचने पर भी जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है.दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग (Road Transport and Highway Ministry) मंत्रालय ने 26 नवंबर, 2020 को 'दोपहिया मोटर वाहन सवारों के लिए हेलमेट (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020' की अधिसूचना जारी की थी. इसमें सभी दोपहिया हेलमेट को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) प्रमाणित होना अनिवार्य किया गया था.

6 माह की अवधि पूरी होने के बाद यह नियम 1 जून से प्रभावी भी हो गया है, लेकिन ज्यादातर लोग इस बात से अनजान हैं. नए नियमों के अनुसार, हेलमेट पर आईएसआई (ISI mark Helmet) का मार्क होना चाहिए यानी वो सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता हो. लिहाजा बाइक सवार यात्रियों के आवश्यक हो गया है कि वो जो हेलमेट खरीद रहे हैं, उसको अच्छी तरह से जांच लें कि वह सभी मानकों पर खरा उतरता है या नहीं. बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट नकली ही माना जाएगा.

नकली हेलमेट खरीद-बिक्री पर 1 साल तक जेल..
अब देश में केवल बीआईएस/आईएसआई मुहर वाले हेलमेट बेचने की मंजूरी होगी. अगर कोई भी शख्स बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट बनाता है, या उसकी खरीद या बिक्री में लिप्त पाया जाता है तो उसे 1 साल तक की कैद और न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. यह जुर्माना 5 लाख रुपये तक बढ़ाया भी जा सकता है.

सड़क हादसों में मौत की बड़ी वजह घटिया हेलमेट
गैर सरकारी संगठन ट्रैक्स -Tracks (ट्रैफिक रिफॉर्म्स एंड एडवोकेसी एक्सपर्ट्स) की संस्थापक महासचिव रजनी गांधी ने कहा कि भारत में हर साल सड़क हादसों में 37 फीसदी दोपहिया वाहन चालकों के साथ होते हैं और इनमें से 80 फीसदी बाइक सवारों की मौत हेलमेट न पहनने या घटिया क्वालिटी का हेल्मेट (Low Quality Helmet) पहनने के कारण होती है. ऐसे में हेलमेट दोपहिया सवार हर शख्स पुरुष, महिला और बच्चों के लिए अनिवार्य है. बाइक खरीद के साथ ही ऐसा हेलमेट खरीदना जरूरी होना चाहिए. लेकिन हमारे देश में लोग बच्चों को कभी हेलमेट नहीं पहनाते. महिलाएं भी बेहद कम संख्या में हेलमेट पहने हुए होती हैं.  


गैर आईएसआई हेलमेट की बिक्री अपराध
सड़क सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े कंज्यूमर फोरम उत्प्रेरित के चीफ ट्रस्टी संदीप सूद ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल 3 लाख से अधिक लोग मरते हैं.  सच्चाई है कि भारत में हर एक घंटे में 423 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में होती है. साल 2019 में आधिकारिक तौर पर दर्ज 4,37,396 सड़क दुर्घटनाओं में 1,54,732 लोगों की मौत हुई और 4,39,262 लोग घायल हुए. सरकार इस कदम के जरिये घटिया हेलमेट के कारण जानलेवा सड़क हादसों और मौतों को कम करना चाहती है. लिहाजा अब इन गैर आईएसआई हेलमेट की बिक्री और स्टॉक करना एक गंभीर अपराध के तौर पर दर्ज किया जाएगा.

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क्या 500 से कम रुपये का है हेलमेट?
टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चर एसोसिएशन (Two Wheeler Manufacture Association) के अध्यक्ष राजीव कपूर ने कहा कि सड़क किनारे बिक रहे सस्ते हेलमेट दुर्घटना में कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करते. ये अब बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होंगे. अगर आप भी 500 रुपये से कम का हेलमेट खरीद रहे हैं तो बेहद ज्यादा आशंका है कि यह घटिया गुणवत्ता (Low Quality Helmet) का है. ऐसे हेलमेट में फर्जी आईएसआई मार्क भी लगा दिए जाते हैं. सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत को हर साल 3 जीडीपी का लगभग 3 प्रतिशत तक का नुकसान होता है. आईएसआई सर्टिफाइड हेलमेट निर्माता और बड़े संगठनों को इस क्षेत्र में निवेश करना चाहिए. नए नियमों से सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होगा.