हवाई यात्रियों को झटका, सरकार ने 2 महीने में दूसरी बार बढ़ाया एयर फेयर कैप, जानें- कितना हुआ महंगा?

दो महीने के राष्ट्रव्यापी COVID-19 लॉकडाउन के बाद घरेलू उड़ानें फिर से शुरू होने के बाद सरकार ने पिछले साल मई में कैप की शुरुआत की थी. सरकार के अनुसार, कोरोनोवायरस संकट के बाद आर्थिक रूप से जूझ रही एयरलाइनों की मदद के लिए लोअर कैप लगाए गए थे.

हवाई यात्रियों को झटका, सरकार ने 2 महीने में दूसरी बार बढ़ाया एयर फेयर कैप, जानें- कितना हुआ महंगा?

सरकार ने घरेलू हवाई किराए पर मूल्य सीमा को दो महीने में दूसरी बार बढ़ा दिया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

75वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) से पहले केंद्र सरकार ने हवाई यात्रा करने वालों को झटका दिया है. सरकार ने घरेलू हवाई किराए पर मूल्य सीमा को दो महीने में दूसरी बार बढ़ाते हुए 9 से 12 प्रतिशत तक कर दिया है. इससे उड़ान टिकट और अधिक महंगे होने वाले हैं.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) द्वारा जारी गुरुवार को एक आदेश में 40 मिनट की अवधि के तहत उड़ानों के किराए की निचली सीमा ₹ 2,600 से बढ़ाकर ₹ 2,900 कर दी गई है जो 11.53 प्रतिशत ज्यादा है. 40 मिनट की अवधि के तहत उड़ानों के लिए किराए की ऊपरी सीमा भी 12.82 प्रतिशत बढ़ाकर ₹ 8,800 कर दी गई है.

40-60 मिनट के बीच की अवधि वाली उड़ानों के किराए की निचली सीमा अब 3,700 रुपये होगी. पहले यह  3,300 रुपये थी.  इन उड़ानों की ऊपरी सीमा शुक्रवार से 12.24 प्रतिशत बढ़कर 11,000 रुपये हो गई है.

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60-90 मिनट के बीच की उड़ानों के किराए की निचली सीमा 12.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अब ₹ 4,500 होगी जबकि इन उड़ानों के किराए की ऊपरी सीमा 12.82 प्रतिशत बढ़ाकर ₹13,200 कर दी गई है. इसी तरह की बढ़ोतरी 90-120, 120-150, 150-180 और 180-210 मिनट के बीच की यात्राओं पर भी की गई है.


वास्तविक टिकट की कीमतें निचली या ऊपरी सीमा से अधिक होने की संभावना है क्योंकि इनमें यात्री सुरक्षा शुल्क, हवाई अड्डों के लिए उपयोगकर्ता विकास शुल्क और माल और सेवा कर शामिल नहीं है. इस साल हवाई किराए में यह चौथी बढ़ोतरी है. इससे पहले फरवरी, मई और जून में टिकट की कीमतों में संशोधन किया गया था.

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दो महीने के राष्ट्रव्यापी COVID-19 लॉकडाउन के बाद घरेलू उड़ानें फिर से शुरू होने के बाद सरकार ने पिछले साल मई में कैप की शुरुआत की थी. सरकार के अनुसार, कोरोनोवायरस संकट के बाद आर्थिक रूप से जूझ रही एयरलाइनों की मदद के लिए लोअर कैप लगाए गए थे.