
बरेली में फेसबुक पर पोस्ट करने पर 11वीं के छात्र की गिरफ्तारी के मामले की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट करेगा। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करने के लिए राजी हो गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट 66-A को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
गुरुवार को इस मामले की याचिकाकर्ता श्रेया सिंघल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया। वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि किस तरह फेसबुक पर पोस्ट करने पर बरेली में एक छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि ऐसे मामलों में गंभीर मसले पर ही गिरफतारी की जाएगी। हालांकि यूपी सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कोर्ट ने छात्र को जमानत दे दी है। लेकिन याचिकाकर्ता का कहना था कि इस मामले में यूपी सरकार से जवाब तलब किया जाना चाहिए कि आखिर किस वजह से छात्र को गिरफतार किया गया। कोर्ट ने कहा कि वो शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करेगा।
गौरतलब है कि श्रेया सिंघल नामक छात्रा ने महाराष्ट्र में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में छात्राओं को गिरफतार करने के मामले के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें आईटी एक्ट 66-A को चुनौती दी थी और सुप्रीम कोर्ट से इसे रद्द करने की अपील की थी। हालांकि जब कोर्ट ने केंद्र सरकार से उसका स्टेंड पूछा था तो सरकार ने इस एक्ट के तहत कार्रवाई का समर्थन किया था। साथ ही ये कहा था कि उसने सभी राज्यों के डीजीपी को कहा है कि ऐसे मामलों में बड़े अफसर की मंजूरी के बाद ही किसी को गिरफतार किया जाए। केंद्र की ओर से ये भी कहा गया कि इस मामले में एक कमेटी बनाई गई है जो अपने सुझाव देगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर कानून में बदलाव भी किया जा सकता है लेकिन इस एक्ट को हटाया नहीं जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलील को खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले में वो सरकारी रिपोर्ट का इंतजार नहीं करेगा बल्कि अपनी सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाएगा। 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कई दिनों की सुनवाई के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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