
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के निराशाजनक लिंगानुपात की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने देशवासियों से कन्या भ्रूण हत्या रोकने की अपील की।
मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "क्या हमने हमारा लिंगानुपात देखा है? समाज में यह असंतुलन कौन बना रहा है? भगवान नहीं बना रहे! मैं चिकित्सकों से अपील करता हूं कि गर्भस्थ कन्या की हत्या न करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा, बेटियों को मत मारो, यह 21वीं सदी के भारत पर एक धब्बा है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि अपनी तिजोरी भरने के लिए वे किसी मां की कोख में पल रही बेटी को न मारें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ऐसे परिवारों को भी जानते हैं, जिनमें पांच बेटे थे और जो बड़े मकानों में रहते थे, लेकिन अपने बूढ़े मां-बाप को वृद्धाश्रम भेज दिया। उन्होंने कहा, वहीं, मैंने ऐसे परिवार भी देखे हैं, जिनमें इकलौती बेटी ने अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए शादी भी नहीं की। पीएम ने कहा कि बलात्कार की घटनाओं के कारण हमारा सिर शर्म से झुक जाता है।
प्रधानमंत्री ने माओवादियों और चरमपंथियों से हिंसा त्यागने की अपील की और रचनात्मक परिणाम देखने के लिए लोगों से सांप्रदायिकता, जातिवाद और वर्ग संघर्ष पर कम से कम 10 साल के लिए अंकुश लगाने को कहा। उन्होंने कहा, मैं सरकारी पदाधिकारियों की क्षमताओं को प्रोत्साहित करते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति देना चाहता हूं।
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